
80-IAC के लिए आवेदन करें—DPIIT पहचान अकेले कर छूट नहीं दिलाती

DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को 80-IAC कर कटौती के लिए अलग आवेदन करके पात्र व्यवसाय का प्रमाणपत्र लेना होता है। आयकर विभाग की स्टार्टअप कर मार्गदर्शिका के अनुसार पात्र व्यवसाय के लाभ पर 100% कटौती स्थापना से शुरू होने वाले दस वर्षों में चुने गए लगातार तीन आकलन वर्षों के लिए मिल सकती है। मान्यता प्रमाणपत्र अपने आप इस कटौती की मंजूरी नहीं देता।
आवेदन का क्रम है: पहले कानूनी पात्रता और उपलब्ध वित्तीय वर्ष जाँचें; फिर लेखापरीक्षित तुलनपत्र, लाभ-हानि विवरण, आयकर रिटर्न की पावती, स्वामित्व विवरण और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का प्रमाण जुटाएँ। व्यवसाय का नवाचार या विस्तारशीलता दिखाने वाले साक्ष्य, पिच डेक और काम करता उत्पाद या सेवा दिखाने वाला वीडियो तैयार होने पर Startup India पोर्टल में कर छूट का आवेदन भरें।
मान्यता के बाद किस मंजूरी की जरूरत है
इस कटौती के लिए आवेदन करने वाली संस्था निजी लिमिटेड कंपनी या सीमित दायित्व भागीदारी (LLP) होनी चाहिए। उसका व्यवसाय उत्पाद, प्रक्रिया या सेवा में नवाचार, विकास या सुधार से जुड़ा हो, अथवा उसमें रोजगार या संपदा सृजन की ऊँची संभावना वाला विस्तारशील मॉडल हो। पात्रता जाँचते समय स्थापना की तारीख और कारोबार भी देखें: कर विभाग की मार्गदर्शिका 80-IAC के लिए 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2030 के बीच गठन और ₹100 करोड़ की कारोबार सीमा बताती है।
सरकारी अधिसूचना का प्रपत्र-1 इस अलग प्रमाणपत्र के आवेदन में संस्था का नाम, गठन और पंजीकरण विवरण, स्थायी खाता संख्या, गतिविधियाँ, लेखापरीक्षित खाते तथा नवाचार, रोजगार या संपदा सृजन के साक्ष्य माँगता है। अंतर-मंत्रालयी प्रमाणन बोर्ड अतिरिक्त जानकारी लेकर प्रमाणपत्र दे सकता है या कारण बताते हुए आवेदन अस्वीकार कर सकता है। पहले से चल रहे व्यवसाय के विभाजन या पुनर्गठन से बनी संस्था की स्थिति भी पात्रता में महत्वपूर्ण है। यदि DPIIT मान्यता के विवरण में गठन तारीख या संस्था का नाम गलत है, तो कर आवेदन में आगे बढ़ने से पहले उसे सुधारें; DPIIT मान्यता की प्रक्रिया उस अलग चरण को समझाती है।
उम्र के अनुसार कितने वर्षों के खाते लगेंगे

वित्तीय दस्तावेजों की संख्या आवेदन के समय स्टार्टअप की उम्र से तय करें। Startup India का 80-IAC प्रपत्र एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष से कम पुरानी संस्था से पहले वर्ष के, दो वर्ष से अधिक और तीन वर्ष से कम पुरानी संस्था से पिछले दो वर्षों के, तथा तीन वर्ष से अधिक पुरानी संस्था से हाल के तीन वर्षों के लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण माँगता है। इनमें तुलनपत्र और लाभ-हानि विवरण शामिल हैं। प्रपत्र पूरे वर्षों के उपलब्ध आयकर रिटर्न की प्राप्ति-पावती और वर्षवार राजस्व तथा लाभ या हानि के आँकड़े भी माँगता है।
- एक वर्ष का विवरण लगाना हो तो उसी वित्त वर्ष का CA प्रमाणित तुलनपत्र, लाभ-हानि विवरण और उपलब्ध रिटर्न पावती साथ रखें।
- दो वर्षों के लिए दोनों वर्षों की फाइलें अलग पहचानें, ताकि राजस्व और लाभ या हानि गलत वर्ष में दर्ज न हों।
- तीन वर्ष से अधिक पुरानी संस्था हाल के तीन वित्त वर्षों के विवरण चुने; गठन से अब तक के सभी वर्षों को अनावश्यक रूप से जोड़ने की जरूरत नहीं है।
प्रपत्र की प्रकाशित उम्र-श्रेणियाँ ठीक दो या तीन वर्ष पूरे होने की स्थिति को अलग से नहीं समझातीं। ऐसे मामले में पोर्टल में स्थापना तारीख डालने पर दिखाई देने वाली दस्तावेज़ माँग के अनुसार फाइलें तैयार करें। एक वर्ष से कम पुरानी संस्था भी अनुमान से लेखापरीक्षित विवरण न बनाए; उसके लिए उपलब्ध रिटर्न और खातों की स्थिति आवेदन में स्पष्ट रखनी होगी। वर्षवार आँकड़े भरने से पहले तुलनपत्र, लाभ-हानि विवरण और रिटर्न पावती पर लिखी अवधि का आपस में मिलान करें।
स्वामित्व, CA प्रमाण और विस्तारशीलता के साक्ष्य
कंपनी अपने संगठन ज्ञापन में दर्ज प्रारंभिक शेयरधारिता और आवेदन के समय की शेयरधारिता अलग तैयार करे। हिस्सेदारी बदली है तो वर्तमान निदेशकों या शेयरधारकों के नाम और प्रतिशत पुराने अभिलेख से न उठाएँ। LLP के लिए भागीदारों का विवरण उसके समझौते और मौजूदा अभिलेखों से मिलाएँ। आवेदन या पात्रता से संबंधित बोर्ड प्रस्ताव हुआ हो तो उसकी प्रति भी रखें। इन दस्तावेजों में संस्था की पहचान वही होनी चाहिए जो मान्यता और कर प्रपत्र में दर्ज है।
CA प्रमाणन का काम केवल खातों पर हस्ताक्षर तक सीमित नहीं है। गठन संबंधी घोषणा में यह स्पष्ट होना चाहिए कि स्टार्टअप मौजूदा व्यवसाय को बाँटकर या पुनर्गठित करके नहीं बनाया गया; प्रपत्र पुनर्गठन संबंधी CA प्रमाण और सदस्यता संख्या का स्थान भी देता है। यदि विस्तारशीलता के लिए राजस्व वृद्धि का दावा कर रहे हैं, तो चुनी गई अवधि का दावा लेखापरीक्षित खातों और रिटर्न से मेल खाए। प्रपत्र के नमूने में लगातार वर्षों के बीच 10% से अधिक, दो वर्षों में 25% से अधिक या तीन वर्षों में 33% से अधिक राजस्व वृद्धि के विकल्प दिए गए हैं। इन्हें हर आवेदक के लिए अनिवार्य वृद्धि का वादा समझकर अप्रमाणित आँकड़े न भरें।
नवाचार और आर्थिक प्रभाव के प्रमाण व्यवसाय के वास्तविक काम से चुनें। उत्पाद या सेवा का विवरण, बौद्धिक संपदा के आवेदन, उपयोगकर्ता या राजस्व वृद्धि, रोजगार के अभिलेख, निवेश और पुरस्कार प्रासंगिक होने पर लगाए जा सकते हैं। जिस उपलब्धि का दावा पिच डेक में है, उसके लिए आवेदन में उपयुक्त सहायक अभिलेख पहचान सकना उपयोगी है। केवल श्रेणी का नाम भरने से यह स्पष्ट नहीं होता कि उत्पाद में क्या नया है या व्यवसाय किस तरह बढ़ सकता है।
वीडियो और पिच डेक में क्या दिखाएँ

वीडियो में उत्पाद, नमूना या विकसित अवधारणा को काम करते दिखाएँ। 80-IAC वीडियो दिशानिर्देश आदर्श अवधि दो से तीन मिनट बताते हैं और पाँच मिनट से लंबा वीडियो स्वीकार नहीं करते। उत्पाद या सॉफ्टवेयर वाले स्टार्टअप के लिए उसका प्रदर्शन जरूरी है; केवल पिच डेक की स्लाइडों का वीडियो या उत्पाद दिखाए बिना पढ़ी गई प्रस्तुति स्वीकार नहीं होती। सेवा देने वाली संस्था अपने ग्राहक के लिए विकसित वास्तविक काम का प्रदर्शन कर सकती है। वीडियो तीसरे पक्ष की वीडियो सेवा पर डालें और साझा ड्राइव का लिंक दें तो उसकी पहुँच खुली रखें।
पिच डेक व्यवसाय का संक्षिप्त, प्रमाणों से जुड़ा विवरण दे। आधिकारिक पिच डेक दिशानिर्देश उत्पाद या सेवा, नवाचार, संस्थापक दल, मौजूदा शेयरधारिता, राजस्व मॉडल और ग्राहक आकर्षण शामिल करने को कहते हैं; प्राप्त निवेश, संस्थागत सहायता, पुरस्कार तथा नियामकीय मंजूरी लागू हों तो उनका विवरण भी दें। वास्तविक उत्पाद तस्वीरें या वेबसाइट और ऐप के दृश्य व्यवसाय का काम स्पष्ट कर सकते हैं। उपलब्ध ग्राहक अनुबंध या कार्यादेश ग्राहक संबंधी दावे को आधार देते हैं। डेक PDF में जमा होता है, इसलिए अंतिम प्रति में राजस्व, टीम और स्वामित्व के आँकड़े आवेदन के अन्य दस्तावेजों से मिलाएँ।
पोर्टल पर आवेदन जमा करने का क्रम
- Startup India खाते में प्रवेश कर मान्यता से आए संस्था के विवरण की पुष्टि करें। नाम, गठन तारीख, पंजीकरण संख्या, स्थायी खाता संख्या और संपर्क विवरण में बदलाव हो तो पहले मान्यता प्रपत्र में उसे ठीक करें।
- Recognition में Apply for Tax Exemptions और फिर Income Tax Exemption चुनें। संस्था की गतिविधियाँ भरें तथा कंपनी का संगठन ज्ञापन या LLP समझौता और लागू बोर्ड प्रस्ताव जोड़ें।
- प्रारंभिक और वर्तमान शेयरधारिता या भागीदारों का विवरण भरें। लागू वित्त वर्षों की रिटर्न पावती, CA प्रमाणित तुलनपत्र और लाभ-हानि विवरण जोड़कर राजस्व तथा लाभ या हानि के आँकड़े दर्ज करें।
- मूल्यांकन वाले भाग में नवाचार, संपदा और रोजगार संबंधी दावों के साक्ष्य दें। वीडियो लिंक, पिच डेक और वेबसाइट का पता जोड़ें; फिर स्व-प्रमाणन तथा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का विवरण पूरा करके आवेदन जमा करें।
जमा करने से पहले देखें कि वीडियो लिंक जाँचकर्ता के लिए खुलता है, वित्तीय वर्ष सभी फाइलों में एक जैसे हैं और स्वामित्व के वर्तमान आँकड़े पिच डेक से मेल खाते हैं। बोर्ड का प्रमाणपत्र मिलने के बाद कटौती का दावा चुने गए आकलन वर्ष के आयकर रिटर्न में किया जाता है। दावा किए जाने वाले वर्ष के खातों की लेखापरीक्षा और संबंधित रिपोर्ट की शर्त आवेदन के साथ जमा किए गए पुराने खातों से अलग है।
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