DPIIT मान्यता मुफ़्त है—₹200 करोड़ की नई सीमा में पात्रता जाँचें

DPIIT स्टार्टअप मान्यता के लिए पहले इकाई का कानूनी स्वरूप, आयु, हर वित्त वर्ष का कारोबार और नवाचार जाँचें। पात्र होने पर NSWS में निवेशक खाता बनाकर “Registration as a Startup” आवेदन भरें। Startup India का आधिकारिक मान्यता पृष्ठ इस आवेदन को निःशुल्क बताता है और स्पष्ट करता है कि 80-IAC कर कटौती के लिए मान्यता मिलने के बाद अलग आवेदन करना पड़ता है।
इसलिए सही क्रम है: पात्रता जाँच, आवश्यक अभिलेख और नवाचार विवरण तैयार करना, NSWS पर आवेदन, DPIIT प्रमाणपत्र और फिर—अलग कर शर्तें पूरी होने पर—80-IAC स्वीकृति। किसी सलाहकार को दिया गया सेवा शुल्क सरकारी मान्यता शुल्क नहीं है।
हाँ–नहीं पात्रता जाँच

इन प्रश्नों को क्रम से जाँचें। किसी अनिवार्य प्रश्न का उत्तर “नहीं” होने पर केवल आवेदन में बेहतर भाषा लिखना पर्याप्त नहीं होगा; इकाई को वास्तविक मानदंड पूरे करने होंगे।
- क्या इकाई पात्र कानूनी स्वरूप में पंजीकृत है? निजी लिमिटेड कंपनी, LLP, पंजीकृत साझेदारी फर्म, बहु-राज्य सहकारी समिति या लागू राज्य अथवा केंद्रशासित प्रदेश कानून के अंतर्गत पंजीकृत सहकारी समिति आवेदन कर सकती है। एकल स्वामित्व पात्र नहीं है।
- क्या सामान्य इकाई की आयु 10 वर्ष के भीतर है? अवधि निगमन या पंजीकरण की तारीख से गिनी जाती है, उत्पाद जारी होने या पहली बिक्री से नहीं।
- क्या प्रत्येक पिछले वित्त वर्ष में कारोबार निर्धारित सीमा के भीतर रहा? सामान्य स्टार्टअप के लिए मौजूदा सीमा ₹200 करोड़ है। केवल नवीनतम वर्ष देखना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि पात्रता में पिछले वित्त वर्षों का कारोबार देखा जाता है।
- क्या कारोबार नवाचार या सुधार पर काम करता है? उत्पाद, सेवा या प्रक्रिया में नवाचार अथवा सुधार होना चाहिए, या कारोबार में रोजगार या संपदा सृजन की उच्च संभावना वाला विस्तारक्षम मॉडल होना चाहिए।
- क्या इकाई पुराने कारोबार को विभाजित या पुनर्गठित करके नहीं बनाई गई? मौजूदा कारोबार को नया कानूनी खोल देना अपने आप पात्र स्टार्टअप नहीं बनाता।
5 फरवरी 2026 को जारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की संशोधित रूपरेखा ने सामान्य कारोबार सीमा ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ की और डीप-टेक श्रेणी के लिए आयु तथा कारोबार सीमाएँ क्रमशः 20 वर्ष और ₹300 करोड़ तय कीं। इसी संशोधन में पात्र सहकारी समितियाँ भी मान्यता के दायरे में जोड़ी गईं।
डीप-टेक की ऊँची सीमाएँ हर प्रौद्योगिकी कारोबार पर स्वतः लागू नहीं होतीं। यदि सामान्य 10 वर्ष या ₹200 करोड़ की कसौटी पूरी नहीं होती, तो केवल स्वयं को डीप-टेक लिखने के बजाय आवेदन में उस श्रेणी की तकनीकी प्रकृति और उपलब्ध सहायक प्रमाण स्पष्ट करने होंगे।
आवेदन से पहले क्या तैयार रखें

NSWS के आधिकारिक प्रश्नोत्तर के अनुसार इकाई का PAN और निगमन या पंजीकरण प्रमाणपत्र आवेदन के लिए अनिवार्य हैं। उसी पृष्ठ पर स्पष्ट किया गया है कि प्रोटोटाइप अनिवार्य नहीं है, GST पंजीकरण तभी चाहिए जब वह कारोबार पर लागू हो और नवाचार की स्पष्ट व्याख्या देनी होती है।
- निगमन या पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज पूरा नाम, संख्या और तारीख;
- इकाई का PAN तथा अधिकृत प्रतिनिधि के सही संपर्क विवरण;
- कारोबार किस समस्या को हल करता है और मौजूदा विकल्प से उसका अंतर क्या है;
- उत्पाद, सेवा या प्रक्रिया में वास्तविक नवाचार अथवा सुधार का संक्षिप्त विवरण;
- विस्तारक्षमता, रोजगार या संपदा सृजन की संभावना का तथ्यात्मक आधार;
- वेबसाइट, उत्पाद विवरण, प्रस्तुति, पेटेंट सूचना या सत्यापन योग्य परीक्षण रिकॉर्ड जैसे उपलब्ध सहायक प्रमाण।
अंतिम सूची आवेदन प्रपत्र में दिख रहे अनिवार्य क्षेत्रों से मिलाएँ, क्योंकि पोर्टल अतिरिक्त स्पष्टीकरण या अभिलेख मांग सकता है। ऐसा पेटेंट, प्रोटोटाइप या ग्राहक परिणाम न लिखें जो वास्तव में मौजूद नहीं है; उपलब्ध अवस्था और प्रमाण का सटीक विवरण अधिक उपयोगी है।
NSWS पर आवेदन का क्रम
आवेदन इकाई के अपने विवरण, मोबाइल नंबर और ईमेल से करें। DPIIT ने मान्यता प्रमाणपत्र के लिए किसी एजेंसी, प्रतिनिधि या फ्रेंचाइजी को नियुक्त नहीं किया है, इसलिए बाहरी सहायता लेना आवेदन की शर्त नहीं है।
- NSWS पर निवेशक खाता बनाएँ और इकाई का व्यावसायिक विवरण पूरा करें।
- डैशबोर्ड में “Add Approvals” खोलकर “Central Approvals” चुनें।
- “Registration as a Startup” खोजें और आवेदन को डैशबोर्ड में जोड़ें।
- सामान्य पंजीकरण विवरण तथा DPIIT मान्यता प्रपत्र भरें।
- इकाई का नाम, PAN, निगमन या पंजीकरण संख्या, तारीख और कानूनी स्वरूप मूल अभिलेखों से मिलाएँ।
- नवाचार और विस्तारक्षमता का तथ्यात्मक विवरण दें, मांगे गए अभिलेख संलग्न करें और घोषणाएँ पढ़कर आवेदन जमा करें।
- NSWS डैशबोर्ड पर स्थिति देखें और स्पष्टीकरण मांगे जाने पर संबंधित प्रमाण दें।
नाम, PAN या पंजीकरण संख्या में वर्तनी और प्रारूप का अंतर जमा करने से पहले ठीक करें। यदि कारोबार अभी उत्पाद जारी करने से पहले की अवस्था में है, तब भी आवेदन संभव है; प्रोटोटाइप न होने की भरपाई काल्पनिक दावे से नहीं, स्पष्ट समस्या-विवरण और उपलब्ध प्रमाण से करें।
मान्यता मिलने का अर्थ
स्वीकृति पर इकाई को DPIIT मान्यता प्रमाणपत्र मिलता है। यह सरकारी स्टार्टअप परिभाषा के अंतर्गत उसकी मान्यता का प्रमाण है, लेकिन इससे हर योजना, छूट या कर लाभ स्वतः सक्रिय नहीं होता। अलग लाभ की अपनी पात्रता और आवेदन प्रक्रिया हो सकती है।
प्रमाणपत्र में इकाई का नाम और पहचान विवरण जाँचकर प्रति सुरक्षित रखें। DPIIT मान्यता मिलने के बाद भी कंपनी, LLP, साझेदारी या सहकारी संस्था के सामान्य वैधानिक और वार्षिक अनुपालन जारी रहते हैं।
80-IAC के लिए अलग पात्रता और स्वीकृति

DPIIT प्रमाणपत्र 80-IAC कर कटौती की मंजूरी नहीं है। आयकर विभाग की स्टार्टअप कर व्याख्या के अनुसार इस कटौती के लिए इकाई कंपनी या LLP होनी चाहिए, उसका निगमन 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2030 के बीच होना चाहिए, किसी संबंधित पिछले वर्ष में कारोबार ₹100 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए और अंतर-मंत्रालयी प्रमाणन बोर्ड से पात्र कारोबार का प्रमाणपत्र लेना चाहिए।
स्वीकृत पात्र स्टार्टअप निगमन से शुरू होने वाली 10 वर्ष की अवधि में तीन लगातार निर्धारण वर्षों के पात्र लाभ पर 100% कटौती मांग सकता है। इसके लिए DPIIT मान्यता के बाद निर्धारित प्रपत्र और दस्तावेजों के साथ अलग आवेदन करना होता है; स्वीकृति मिलने पर कटौती आयकर रिटर्न में लागू नियमों के अनुसार मांगी जाती है।
दोनों सीमाओं को मिलाना महँगी भूल हो सकती है। उदाहरण के लिए, ₹150 करोड़ कारोबार वाली सामान्य इकाई DPIIT की ₹200 करोड़ सीमा के भीतर हो सकती है, लेकिन वह 80-IAC की ₹100 करोड़ कारोबार शर्त पूरी नहीं करेगी। इसी तरह पंजीकृत साझेदारी या पात्र सहकारी समिति DPIIT मान्यता पा सकती है, जबकि 80-IAC केवल कंपनी और LLP के लिए उपलब्ध है।
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