NASA का DSS-23 चालू—देर से बनी डिश अब Voyager 1 समेत दर्जनों मिशन संभालती है

NASA ने 25 अगस्त 2026 को कैलिफोर्निया के गोल्डस्टोन डीप स्पेस कम्युनिकेशंस कॉम्प्लेक्स में 34-मीटर Deep Space Station 23 की पूर्णता को औपचारिक रिबन-कटिंग से चिह्नित किया। NASA की 25 अगस्त की परिचालन सूचना के मुताबिक, DSS-23 ने मई से जुलाई तक परीक्षण करने के बाद 3 अगस्त को काम शुरू किया; उसका पहला परिचालन लक्ष्य Chandra X-ray Observatory था और वह अब Voyager 1 समेत दर्जनों मिशनों से संचार कर चुकी है।
Economic Times की 27 अगस्त की रिपोर्ट भी 3 अगस्त की परिचालन शुरुआत, 34-मीटर आकार और गोल्डस्टोन में तैनाती की पुष्टि करती है। इसका अर्थ है कि DSS-23 केवल पूरी हुई संरचना या परीक्षणाधीन प्रणाली नहीं रही: यह Deep Space Network का सक्रिय रेडियो एंटीना है, हालांकि इसका संचालन मूल सितंबर 2024 लक्ष्य से करीब 23 महीने बाद शुरू हुआ।
पहले संपर्क से दर्जनों मिशनों तक
DSS-23 ने शुरुआत पृथ्वी की कक्षा में मौजूद Chandra वेधशाला को ट्रैक करके की। इसके बाद उसने Mars Reconnaissance Orbiter, क्षुद्रग्रह अभियान Psyche, बृहस्पति की परिक्रमा कर रहे Juno और तारकीय अंतरिक्ष में मौजूद Voyager 1 सहित कई रोबोटिक अंतरिक्ष यानों के साथ संचार किया।
यहाँ “दर्जनों मिशन संभालती है” का अर्थ सभी यानों से लगातार या एक साथ संपर्क करना नहीं है। Deep Space Network अलग-अलग अभियानों को उनकी कक्षा, दृश्यता, नियोजित संचार अवधि और परिचालन जरूरत के अनुसार एंटीना समय देता है; DSS-23 उस सीमित समय-सारणी में एक और सक्षम स्टेशन जोड़ती है।
ऐसे संपर्क में पृथ्वी से आदेश भेजना, यान की स्थिति और गति मापना तथा वैज्ञानिक और अभियांत्रिकी आँकड़े प्राप्त करना शामिल हो सकता है। Voyager 1 का जुड़ना नई डिश की पहुँच को स्पष्ट करता है, जबकि Chandra से पहला परिचालन संपर्क दिखाता है कि वही एंटीना पृथ्वी की कक्षा से लेकर अत्यंत दूर स्थित यानों तक अलग-अलग मिशन वर्गों की सेवा कर सकता है।
34-मीटर बीम-वेवगाइड व्यवस्था कैसे काम करती है

DSS-23 बहु-आवृत्ति बीम-वेवगाइड एंटीना है। उसका बड़ा परावर्तक अंतरिक्ष यान के कमजोर रेडियो संकेतों को एकत्र करता है और दर्पणों की व्यवस्था के जरिये उन्हें भूमिगत, जलवायु-नियंत्रित कक्ष में रखे संवेदनशील उपकरणों तक पहुँचाता है।
भारी इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों को घूमती डिश पर रखने के बजाय स्थिर कक्ष में रखने से रखरखाव और भावी उन्नयन के लिए उन तक पहुँचना आसान होता है। बहु-आवृत्ति क्षमता अलग रेडियो पट्टियों का उपयोग करने वाले अभियानों के लिए उपयोगी है, इसलिए नई डिश का मूल्य केवल उसके आकार में नहीं, बल्कि विभिन्न मिशनों के बीच बदल सकने वाली परिचालन भूमिका में है।
34-मीटर एंटीना को दूसरी डिशों के साथ जोड़कर एक साझा सरणी के रूप में भी चलाया जा सकता है। ऐसी संयुक्त ग्रहण क्षमता प्रत्येक परिसर की अकेली 70-मीटर डिश के लिए वैकल्पिक सहारा दे सकती है, लेकिन DSS-23 को स्वयं किसी 70-मीटर एंटीना की हर क्षमता का सीधा एकल विकल्प नहीं मानना चाहिए।
सितंबर 2024 का लक्ष्य क्यों महत्वपूर्ण है

नई डिश उपयोगी है, लेकिन तय पुराने कार्यक्रम पर नहीं पहुँची। NASA OIG के 2023 ऑडिट में DSS-23 एंटीना, 20 किलोवाट ट्रांसमीटर और नियोजित प्रकाशीय क्षमता वाले संयुक्त मद के लिए सितंबर 2024 का प्रारंभिक पूर्णता लक्ष्य और 55.2 मिलियन USD का 2010 अनुमान दर्ज है; उसी तालिका में संशोधित लक्ष्य अक्टूबर 2025 और संशोधित अनुमान 157.4 मिलियन USD था।
इस तुलना में 3 अगस्त 2026 की परिचालन शुरुआत मूल लक्ष्य से करीब 23 महीने और 2023 में दर्ज संशोधित लक्ष्य से लगभग दस महीने बाद आती है। यही अंतर शीर्षक में “देर से बनी डिश” को तथ्यात्मक आधार देता है: देरी केवल उद्घाटन समारोह की तारीख से नहीं, वास्तविक सेवा शुरू होने से भी दिखाई देती है।
लागत के आँकड़ों की सीमा भी महत्वपूर्ण है। 55.2 मिलियन USD केवल दिखाई देने वाली डिश की अंतिम कीमत नहीं, बल्कि एंटीना, ट्रांसमीटर और नियोजित प्रकाशीय कार्य वाले संयुक्त मद का पुराना अनुमान था। इसी तरह 157.4 मिलियन USD ऑडिट के समय का संशोधित अनुमान था, अंतिम चुकाई गई लागत नहीं; अगस्त 2026 की उद्घाटन जानकारी कोई नया अंतिम खर्च प्रकाशित नहीं करती।
ऑडिट ने लागत बढ़ने के कारणों में प्रकाशीय संचार क्षमता का जोड़ा गया कार्यक्षेत्र और श्रम तथा सामग्री की महँगाई गिनाई थी। वर्तमान उद्घाटन रेडियो-आवृत्ति एंटीना के संचालन की पुष्टि करता है, लेकिन इससे नियोजित प्रकाशीय प्रणाली के भी पूर्ण रूप से चालू होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
गोल्डस्टोन और वैश्विक नेटवर्क को मिली अतिरिक्त क्षमता
DSS-23 गोल्डस्टोन की पाँचवीं सक्रिय डिश और 2009 में शुरू हुई Aperture Enhancement Project के तहत नेटवर्क में शामिल पाँचवीं नई 34-मीटर डिश है। Deep Space Network के अन्य परिसर मैड्रिड और कैनबरा के पास हैं; पृथ्वी के घूमने पर ये तीन भौगोलिक स्थान दूरस्थ यानों के लिए संपर्क की जिम्मेदारी एक-दूसरे को सौंप सकते हैं।
नई डिश का तत्काल प्रभाव अतिरिक्त एंटीना समय और कई रेडियो आवृत्तियों वाले अभियानों को संभालने की अधिक गुंजाइश है। यह नेटवर्क की मांग या समय-सारणी की प्रतिस्पर्धा समाप्त नहीं करती, लेकिन किसी रखरखाव, खराबी या एक साथ बढ़ी मिशन जरूरत के दौरान उपलब्ध विकल्पों की संख्या बढ़ाती है।
विस्तार परियोजना का अगला प्रमुख पड़ाव कैनबरा की Deep Space Station 33 है, जिसे 2029 में परिचालन में लाने की योजना है। फिलहाल पुष्टि इतनी है कि DSS-23 परीक्षण पार कर चुकी है, 3 अगस्त से सक्रिय है और Voyager 1 सहित दर्जनों मिशनों से संचार कर चुकी है; उसकी अंतिम वास्तविक लागत और पूरी प्रकाशीय क्षमता की अद्यतन समय-सारणी सार्वजनिक उद्घाटन विवरण में नहीं दी गई है।
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