GST LUT दाखिल करें—सिर्फ ARN मिलने से निर्यात रिफंड पूरा नहीं होता

|लेखक: QUASA संपादकीय टीम|6 मिनट पढ़ने का समय| 1
GST LUT दाखिल करें—सिर्फ ARN मिलने से निर्यात रिफंड पूरा नहीं होता

IGST चुकाए बिना सेवा या माल निर्यात करने के लिए GST पोर्टल पर FORM GST RFD-11 में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LUT) दाखिल करें और उसका ARN सुरक्षित रखें। संचित इनपुट कर क्रेडिट वापस पाने के लिए बाद में FORM GST RFD-01 में अलग आवेदन करना होता है। GST पोर्टल की रिफंड सूचना के अनुसार, बिना कर भुगतान वाले निर्यात के इस आवेदन में वैध LUT संख्या दर्ज करनी होती है।

LUT का ARN उसके दाखिले का संदर्भ है, रिफंड मंजूर होने या रकम बैंक खाते में पहुँचने का प्रमाण नहीं। रिफंड दावे में निर्यात चालानों और पात्र क्रेडिट का विवरण भी चाहिए। सेवा निर्यात के लिए भुगतान प्राप्त होने का BRC या FIRC विवरण तैयार रखना होगा; माल निर्यात में शिपिंग बिल या बिल ऑफ एक्सपोर्ट का विवरण काम आता है।

LUT भरने से पहले क्या तैयार रखें

GST पंजीकरण से पोर्टल में प्रवेश करने से पहले लागू वित्त वर्ष और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की जानकारी देख लें। LUT उसी वित्त वर्ष के लिए चुना जाता है जिसके निर्यात को उसके तहत करना है। पिछले वर्ष की LUT प्रति उपलब्ध हो तो उसे अपलोड करने के लिए तैयार रखें; नए फॉर्म की घोषणाएँ और गवाहों का विवरण फिर भी भरना होता है।

GST पोर्टल की LUT निर्देशिका पिछले LUT के अपलोड के लिए PDF या JPEG प्रारूप और अधिकतम 2 एमबी आकार बताती है। उसी फॉर्म में दो स्वतंत्र और विश्वसनीय गवाहों के नाम तथा पते, दाखिले का स्थान और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम देना होता है। इसलिए पुरानी प्रति के साथ ये विवरण भी पहले जुटा लें।

वित्त वर्ष का चुनाव खास तौर पर देखना चाहिए: रिफंड आवेदन में दर्ज LUT संदर्भ उसी पंजीकरण और संबंधित अवधि की वैध LUT से जुड़ना चाहिए। गवाहों के विवरण और हस्ताक्षरकर्ता का नाम भी पूर्वावलोकन में पढ़ें। पावती डाउनलोड होने के बाद इन बातों को याददाश्त के भरोसे दोबारा भरने के बजाय उसी पावती से संदर्भ संख्या लें।

FORM GST RFD-11 कैसे दाखिल करें

भारतीय बंदरगाह से माल निर्यात से पहले FORM GST RFD-11 के LUT चरण को पूरा करने का क्रम।

लॉग इन करने के बाद Services → User Services → Furnish Letter of Undertaking (LUT) खोलें। FORM GST RFD-11 में वित्त वर्ष चुनें, पिछले LUT की प्रति उपलब्ध हो तो अपलोड करें और फॉर्म की घोषणाओं पर सहमति दर्ज करें। फिर गवाहों और स्थान का विवरण भरकर सूची से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता चुनें।

  1. अधूरा फॉर्म बाद में पूरा करना हो तो उसे सहेजें। सहेजा हुआ मसौदा My Saved Applications में मिल सकता है, लेकिन केवल सहेजने से LUT दाखिल नहीं होता।
  2. PREVIEW खोलकर वित्त वर्ष, गवाहों के विवरण, स्थान और हस्ताक्षरकर्ता को पढ़ें। सहेजे हुए फॉर्म को दोबारा खोलने पर दाखिले से पहले हस्ताक्षरकर्ता और स्थान फिर चुनना पड़ सकता है।
  3. उपलब्ध विकल्प से डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (DSC) या इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड (EVC) के जरिए हस्ताक्षर करके दाखिल करें। EVC में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पर आया सत्यापन कोड भरना होता है।

सफल दाखिले पर पोर्टल ARN दिखाता है और पावती डाउनलोड करने देता है। पावती में दर्ज संदर्भ को निर्यात चालानों के रिकॉर्ड के साथ सुरक्षित रखें। आगे रिफंड फॉर्म में LUT की संदर्भ संख्या माँगी जाएगी; रिफंड आवेदन दाखिल होने पर मिलने वाला उसका अपना ARN अलग होगा।

सेवा और माल निर्यात के प्रमाण अलग कैसे हैं

सेवा निर्यात के रिफंड दावे में चालान के साथ संबंधित बैंक प्राप्ति प्रमाणपत्र, यानी BRC या FIRC, का विवरण मिलना चाहिए। माल निर्यात के दावे में शिपिंग बिल या बिल ऑफ एक्सपोर्ट तथा संबंधित निर्यात चालान की संख्या और तारीख दर्ज की जाती है। CBIC का निर्यात रिफंड परिपत्र इन दोनों प्रकार के विवरणों का अंतर स्पष्ट करता है।

सेवा निर्यातक चालान संख्या, तारीख और प्राप्त भुगतान को प्रमाणपत्र के विवरण से मिलाएँ। अगर किसी चालान का भुगतान अलग प्राप्तियों में आया है, तो दावा तैयार करते समय वास्तविक प्राप्तियों का रिकॉर्ड रखें। केवल चालान की पूरी राशि को भुगतान प्राप्त मान लेने से सेवा निर्यात के प्रमाण और रिफंड विवरण में अंतर आ सकता है।

माल निर्यातक के लिए बैंक प्राप्ति प्रमाणपत्र को सेवा निर्यात वाले प्रमाण की तरह भरना इस चरण की जरूरत नहीं है। उसके निर्यात चालान और शिपिंग विवरण का मेल अहम है। दोनों स्थितियों में जिन खरीद पर इनपुट कर क्रेडिट लिया गया है, उनका रिकॉर्ड निर्यात बिक्री के रिकॉर्ड से अलग तैयार करें: रिफंड का आधार पात्र संचित क्रेडिट है, केवल निर्यात चालानों का कुल मूल्य नहीं।

रिफंड आवेदन में LUT संदर्भ कहाँ दर्ज होता है

सेवा निर्यात के बैंक प्राप्ति प्रमाण और अलग FORM GST RFD-01 रिफंड आवेदन का संबंध।

रिफंड के लिए Services → Refunds → Application for Refund खोलें और बिना कर भुगतान वाले माल या सेवा निर्यात पर संचित इनपुट कर क्रेडिट की श्रेणी चुनें। दावा अवधि तय करके निर्यात चालानों का विवरण Statement 3 में और संबंधित आवक आपूर्तियों का विवरण निर्धारित हिस्से में भरें। ICAI की रिफंड पुस्तिका इस दावे के लिए Statement 3, रिफंड गणना का Statement 3A और सेवा निर्यात के BRC/FIRC प्रमाण बताती है।

निर्यात विवरण भरते समय Statement 3 के चालानों को दाखिल GSTR-1 की प्रविष्टियों से मिलाएँ। चालान की संख्या, तारीख या रकम अलग होने पर पोर्टल का मिलान आवेदन आगे बढ़ने से रोक सकता है। सेवा निर्यात में भुगतान प्रमाण का विवरण और माल निर्यात में शिपिंग विवरण उसी चालान से जुड़ा होना चाहिए जिसके लिए दावा किया जा रहा है।

रिफंड गणना में संबंधित अवधि का निर्यात कारोबार, समायोजित कुल कारोबार और पात्र शुद्ध इनपुट कर क्रेडिट शामिल होते हैं। इसीलिए निर्यात मूल्य को ही रिफंड रकम मानकर न भरें। रिटर्न में दिखाई गई आपूर्ति और क्रेडिट, खरीद के रिकॉर्ड तथा आवेदन में भरी अवधि एक-दूसरे से मेल खाने चाहिए।

फॉर्म के LUT संबंधी हिस्से में पहले दाखिल FORM GST RFD-11 की संदर्भ संख्या दर्ज करें। यह वही संख्या है जो LUT की पावती से लेनी है। अंतिम दाखिले से पहले चुने गए बैंक खाते, निर्यात प्रमाण, क्रेडिट विवरण और रिफंड गणना का पूर्वावलोकन करें; फिर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता से आवेदन दाखिल कराएँ।

रिफंड आवेदन दाखिल होने पर उसके लिए अलग ARN बनता है। इसी नए संदर्भ से आवेदन की स्थिति देखी जाती है, जबकि LUT का ARN पहले चरण की पहचान बना रहता है। आवेदन की पावती के बाद दावे का प्रसंस्करण और भुगतान का निर्णय होता है; मंजूर रकम का भुगतान दर्ज होने पर ही बैंक खाते में उसकी प्राप्ति जाँची जा सकती है।

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