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विदेशी ग्राहक को बिल भेजने से पहले LUT भरें—IGST रोकने का सही क्रम

|लेखक: QUASA संपादकीय टीम|6 मिनट पढ़ने का समय| 7
विदेशी ग्राहक को बिल भेजने से पहले LUT भरें—IGST रोकने का सही क्रम

विदेशी ग्राहक को बिना IGST वाला निर्यात चालान भेजने का सुरक्षित क्रम है: पहले जाँचें कि सेवा निर्यात की शर्तें पूरी करती है, फिर चालू वित्त वर्ष के लिए Form GST RFD-11 में Letter of Undertaking यानी LUT दाखिल करें और ARN वाली पावती सुरक्षित करने के बाद चालान जारी करें। LUT केवल पोर्टल की औपचारिकता नहीं, बल्कि बिना एकीकृत कर चुकाए शून्य-दर आपूर्ति करने का वैधानिक रास्ता है।

यदि चालान पहले ही जारी हो चुका है, तो बाद में मिला ARN पुराने दस्तावेज को अपने-आप नियमित नहीं करता। नया LUT तुरंत भरें, लेकिन पहले जारी चालानों, रिटर्न और भुगतान प्रमाण की अलग समीक्षा करके ही तय करें कि विलंब-माफी, विवरणी-सुधार या कर और ब्याज का आकलन जरूरी है।

पहले सेवा-निर्यात की पाँच शर्तें जाँचें

ग्राहक का विदेशी पता अकेला पर्याप्त नहीं है। सेवा देने वाला भारत में और प्राप्तकर्ता भारत से बाहर होना चाहिए; आपूर्ति का स्थान भी भारत से बाहर होना चाहिए। भुगतान परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में अथवा Reserve Bank of India द्वारा अनुमति वाली स्थिति में INR में मिलना चाहिए, और आपूर्तिकर्ता तथा प्राप्तकर्ता एक ही व्यक्ति के अलग प्रतिष्ठान मात्र नहीं होने चाहिए।

IGST Act की समेकित धाराएँ 2(6) और 16 इन शर्तों के साथ निर्यात को शून्य-दर आपूर्ति मानती हैं और पंजीकृत व्यक्ति को निर्धारित शर्तों के अधीन बांड या LUT पर IGST चुकाए बिना आपूर्ति तथा अप्रयुक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट की वापसी का दावा करने देती हैं। मध्यस्थ सेवा, भारत में स्थित वास्तविक प्राप्तकर्ता या भारत से जुड़ी विशेष आपूर्ति-स्थान शर्त वाला अनुबंध इस निष्कर्ष को बदल सकता है; ऐसे मामले में केवल ग्राहक के देश के आधार पर चालान को निर्यात न मानें।

LUT को चालान की समयरेखा में कहाँ रखें

चालू वित्त वर्ष का LUT पूरा होने के बाद विदेशी ग्राहक का पहला निर्यात चालान जारी करने का क्रम

हर वित्त वर्ष में पहला पात्र निर्यात करने से पहले उस वर्ष का LUT दाखिल करना सबसे स्पष्ट नियंत्रण है। क्रम रखें: अनुबंध और आपूर्ति-स्थान की जाँच, सही वित्त वर्ष का चयन, LUT पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, ARN वाली पावती का संग्रह और फिर बिना IGST वाला निर्यात चालान। मसौदा सहेजना या पिछले वर्ष की पावती मिल जाना नई फाइलिंग का विकल्प नहीं है।

CBIC Circular 8/8/2017-GST स्पष्ट करता है कि LUT उसी पूरे वित्त वर्ष के लिए मान्य रहता है जिसमें वह दिया गया है और यह निर्यात से पहले की आवश्यकता है। इसलिए 31 मार्च तक मान्य LUT को अप्रैल में जारी होने वाले चालान पर न चलाएँ; नए वित्त वर्ष के लिए नया LUT चुनकर जमा करें।

GST Portal पर RFD-11 जमा करने का क्रम

GST Portal पर वित्त वर्ष और दो गवाह भरकर RFD-11 जमा करने तथा ARN पावती पाने की प्रक्रिया

फाइलिंग शुरू करने से पहले GSTIN वाले खाते की पहुँच, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का पंजीकृत मोबाइल और ई-मेल तथा दो स्वतंत्र और विश्वसनीय गवाहों के नाम, पते और व्यवसाय तैयार रखें। पिछला LUT उपलब्ध हो तो उसकी PDF या JPEG प्रति भी रखें; पोर्टल पुस्तिका अपलोड के लिए अधिकतम आकार 2 MB बताती है।

  1. GST Portal में वैध परिचय-पत्रों से प्रवेश करें और Services → User Services → Furnish Letter of Undertaking (LUT) खोलें।
  2. Form GST RFD-11 में वही वित्त वर्ष चुनें जिसमें संबंधित निर्यात चालान जारी होगा। उपलब्ध होने पर पिछले LUT की प्रति अपलोड करें।
  3. घोषणाएँ पढ़कर लागू चेकबॉक्स चुनें। दोनों गवाहों के नाम, पते और व्यवसाय दर्ज करें।
  4. फाइलिंग का स्थान और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता चुनें। पूर्वावलोकन में GSTIN, वित्त वर्ष, नाम और गवाहों का विवरण जाँचें।
  5. उपलब्ध विकल्प के अनुसार DSC या EVC से हस्ताक्षर करके फॉर्म जमा करें। EVC में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के पंजीकृत मोबाइल और ई-मेल पर आए OTP की आवश्यकता होती है।
  6. सफल जमा के बाद बना ARN देखें और acknowledgement डाउनलोड करें। पावती न मिले तो केवल सहेजे गए मसौदे को दाखिल LUT न मानें।

GST Portal की आधिकारिक LUT पुस्तिका वित्त वर्ष चुनने, दो गवाह दर्ज करने, पूर्वावलोकन देखने, DSC या EVC से हस्ताक्षर करने और ARN वाली पावती डाउनलोड करने के ये चरण देती है। खाते में बटन या क्रम अलग दिखाई दे तो वर्तमान पोर्टल और इसी आधिकारिक पुस्तिका को प्राथमिकता दें।

पावती के बाद बिना IGST वाला चालान बनाएँ

पावती की प्रति को वित्त वर्ष के अनुसार रखें और ARN तथा फाइलिंग तिथि को चालान-अभिलेख से जोड़ें। चालान में आपूर्तिकर्ता का नाम, पता और GSTIN, विशिष्ट क्रमांक, तारीख, प्राप्तकर्ता का नाम-पता, सेवा का विवरण, सेवा लेखा कोड, मूल्य और गंतव्य देश जैसी लागू जानकारियाँ सही रखें। LUT मार्ग चुनने पर IGST की राशि न जोड़ें, पर आपूर्ति को संबंधित GST विवरणियों से बाहर न छोड़ें।

CBIC के निर्यात चालान नियम LUT के अंतर्गत निर्यात चालान पर “SUPPLY MEANT FOR EXPORT UNDER BOND OR LETTER OF UNDERTAKING WITHOUT PAYMENT OF IGST” वाला अनुमोदन मांगते हैं। केवल ARN लिख देना इस निर्धारित घोषणा का विकल्प नहीं है।

अनुबंध, चालान, LUT पावती, GST विवरणी और विदेश से मिली रकम के बैंक प्रमाण को एक-दूसरे से मिलाने योग्य रखें। इससे वित्त वर्ष, ग्राहक, चालान-मूल्य और प्राप्त भुगतान में अंतर जल्दी दिखाई देता है तथा बाद में निर्यात और वापसी-दावे के समर्थन में एक संगत अभिलेख-श्रृंखला मिलती है।

यदि चालान LUT से पहले जारी हो गया हो

देर से LUT भरने पर पुराने निर्यात चालानों, GST रिटर्न और भुगतान प्रमाण की अलग समीक्षा

पहले चालू वित्त वर्ष का LUT तुरंत दाखिल करें, लेकिन पुराने चालान की तारीख या ARN न बदलें। LUT से पहले जारी प्रत्येक चालान की अलग सूची बनाकर उसमें चालान तिथि और मूल्य, सेवा की आपूर्ति-स्थान जाँच, GSTR-1 तथा GSTR-3B में किया गया वर्गीकरण, भुगतान की स्थिति और उपलब्ध बैंक प्रमाण जोड़ें। इससे देर से फाइलिंग और मूलतः अपात्र निर्यात के बीच अंतर किया जा सकेगा।

CBIC Circular 125/44/2019-GST का अनुच्छेद 44 कहता है कि वास्तविक निर्यात स्थापित होने पर LUT दाखिल करने की देरी परिस्थितियों के अनुसार माफ की जा सकती है और सुविधा पश्चात् आधार पर स्वीकार की जा सकती है। यह स्वतः मिलने वाली मंजूरी नहीं है; क्षेत्राधिकार अधिकारी या GST विशेषज्ञ के साथ दस्तावेज देखकर ही विलंब-माफी और विवरणी-सुधार का रास्ता तय करें।

यदि लेन-देन सेवा-निर्यात की मूल शर्तें पूरी नहीं करता या पश्चात् स्वीकृति नहीं मिलती, तो IGST और लागू ब्याज का आकलन करना पड़ सकता है। इसलिए अगला बिना IGST चालान तभी भेजें जब नए LUT की पावती उपलब्ध हो, जबकि पुराने चालानों का समाधान उनके मूल अभिलेखों और पहले दाखिल विवरणियों के आधार पर अलग रखा जाए।

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