Quasa
QUASA ऐप का उपयोग करें
आज ही Web3 क्रिप्टो फ्रीलांसिंग के अग्रणी मंच से जुड़ें!
खोलें
व्यापार

10 कर्मचारी पूरे होते ही POSH अनुपालन कैसे बनाएँ: Internal Committee से वार्षिक रिपोर्ट तक

|अपडेट किया गया: |लेखक: व्याचेस्लाव वासिपेनोक|10 मिनट पढ़ने का समय| 5
10 कर्मचारी पूरे होते ही POSH अनुपालन कैसे बनाएँ: Internal Committee से वार्षिक रिपोर्ट तक

भारत में किसी प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की संख्या 10 या अधिक होते ही नियोक्ता को लिखित आदेश से आंतरिक समिति बनानी होती है। केवल POSH नीति जारी करना पर्याप्त नहीं है: सही सदस्य-संरचना, योग्य बाहरी सदस्य, सुरक्षित शिकायत माध्यम, नियमित जागरूकता कार्यक्रम, गोपनीय अभिलेख और नियोक्ता तथा जिला अधिकारी को वार्षिक रिपोर्ट—इन सभी को सक्रिय व्यवस्था के रूप में चलाना होगा।

पहले स्थानवार कर्मचारी संख्या दर्ज करें, फिर समिति गठन आदेश, सदस्य प्रशिक्षण, शिकायत प्रक्रिया और अभिलेख नियंत्रण लागू करें। वार्षिक रिपोर्ट के लिए अपने जिला अधिकारी का प्रारूप, जमा माध्यम और अंतिम तारीख अलग से जाँचें; किसी दूसरे जिले या पिछले वर्ष की तारीख को अपने प्रतिष्ठान पर स्वतः लागू न करें।

1. तय करें कि 10 कर्मचारियों की सीमा कहाँ पूरी हुई

गणना केवल स्थायी वेतनभोगी कर्मचारियों तक सीमित न रखें। अधिनियम में कर्मचारी की परिभाषा नियमित, अस्थायी, तदर्थ और दैनिक वेतन कर्मियों के साथ प्रत्यक्ष या एजेंसी के माध्यम से नियुक्त अनुबंध कर्मी, परिवीक्षाधीन कर्मचारी, प्रशिक्षु, शिक्षु और स्वैच्छिक रूप से काम करने वाले व्यक्ति तक विस्तृत है। मानव संसाधन सूची को ठेकेदारों तथा प्रत्येक स्थल पर तैनात एजेंसी कर्मियों के विवरण से मिलाएँ।

एक स्थानवार गणना पत्र में प्रतिष्ठान या कार्यालय, प्रत्यक्ष कर्मचारी, एजेंसी या अनुबंध कर्मचारी, अन्य शामिल श्रेणियाँ, कुल संख्या और गणना की तारीख लिखें। अलग स्थानों या प्रशासनिक इकाइयों में कार्यालय होने पर केवल मुख्यालय की समिति को पर्याप्त न मानें; प्रत्येक कार्यालय या प्रशासनिक इकाई के लिए लागू व्यवस्था जाँचें।

10 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान में, जहाँ इस कारण आंतरिक समिति गठित नहीं है, शिकायत जिला-स्तरीय स्थानीय समिति को दी जाती है। नियोक्ता के विरुद्ध शिकायत भी स्थानीय समिति के अधिकार क्षेत्र में आती है। संख्या 10 से नीचे जाने या किसी इकाई के पुनर्गठन की स्थिति में समिति समाप्त करने से पहले लागू राज्य निर्देश और कानूनी स्थिति जाँचें।

2. आंतरिक समिति की संरचना कानून के अनुसार रखें

वरिष्ठ महिला पीठासीन अधिकारी, कर्मचारी सदस्यों और योग्य बाहरी सदस्य वाली आंतरिक समिति अपनी संरचना की जाँच करती हुई

India Code पर उपलब्ध केंद्रीय अधिनियम के अनुसार नियोक्ता लिखित आदेश से समिति गठित करता है; इसमें वरिष्ठ स्तर की महिला पीठासीन अधिकारी, कर्मचारियों में से कम-से-कम दो सदस्य और महिलाओं के हितों के लिए काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन या संघ से अथवा यौन उत्पीड़न के विषय से परिचित एक बाहरी सदस्य होना चाहिए। कुल नामित सदस्यों में कम-से-कम आधी महिलाएँ होनी चाहिए और प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल नामांकन से अधिकतम तीन वर्ष हो सकता है।

कर्मचारी सदस्यों के लिए महिलाओं के हितों के प्रति प्रतिबद्धता, सामाजिक कार्य का अनुभव या कानूनी ज्ञान देखें। बाहरी सदस्य चुनते समय उनकी विषयगत योग्यता, स्वतंत्रता, उपलब्धता और संभावित हित-संघर्ष का लिखित आकलन करें। नियुक्ति पत्र में कार्यकाल, पारिश्रमिक या भत्ता, यात्रा-व्यय, गोपनीयता और बैठक में उपलब्धता की शर्तें स्पष्ट रखें।

यदि किसी कार्यालय में वरिष्ठ महिला कर्मचारी उपलब्ध नहीं है, तो अधिनियम उसी कार्यस्थल की दूसरी इकाई, उसी नियोक्ता के किसी अन्य कार्यस्थल या अन्य विभाग अथवा संगठन से पीठासीन अधिकारी नामित करने का क्रम देता है। इस्तीफे, तबादले, कार्यकाल समाप्त होने या सदस्य के अपात्र होने पर रिक्ति को नए नामांकन से भरें और संशोधित आदेश कर्मचारियों को उपलब्ध कराएँ।

3. समिति गठन आदेश में क्या लिखें

गठन आदेश नियोक्ता के अधिकृत हस्ताक्षर से जारी करें और उसे कार्यस्थल के प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें। आदेश में प्रतिष्ठान और कार्यालय का दायरा, सदस्यों के नाम तथा भूमिकाएँ, कार्यकाल, शिकायत का सुरक्षित माध्यम और आदेश की प्रभावी तारीख होनी चाहिए।

नमूना आदेश: “कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 की धारा 4 के अंतर्गत [प्रतिष्ठान और स्थान] के लिए आंतरिक समिति गठित की जाती है। [नाम और पद] पीठासीन अधिकारी, [नाम] तथा [नाम] कर्मचारी सदस्य और [नाम, संस्था या विशेषज्ञता] बाहरी सदस्य होंगे। समिति का कार्यकाल [आरंभ तारीख] से [समाप्ति तारीख] तक रहेगा। शिकायत [समर्पित ईमेल या सुरक्षित माध्यम] पर अथवा किसी सदस्य को लिखित रूप में दी जा सकती है।”

आदेश के साथ सदस्यों की लिखित स्वीकृति, संपर्क विवरण, पात्रता का आधार और गोपनीयता घोषणा रखें। बाहरी सदस्य के दस्तावेज में स्वतंत्रता तथा हित-संघर्ष की घोषणा जोड़ें। शिकायत ईमेल किसी एक मानव संसाधन कर्मचारी के निजी खाते से न चलाएँ; समिति की अधिकृत और सीमित पहुँच वाला माध्यम बनाएँ।

4. नीति, सूचना और प्रशिक्षण को प्रमाण योग्य बनाएँ

आंतरिक नीति में निषिद्ध आचरण, कार्यस्थल का दायरा, समिति का विवरण, शिकायत माध्यम, सुलह और जाँच की प्रक्रिया, अंतरिम राहत, गोपनीयता, प्रतिशोध से सुरक्षा तथा अपील का मार्ग स्पष्ट करें। कार्य-संबंधी यात्रा, नियोक्ता द्वारा उपलब्ध परिवहन, ग्राहक स्थल, आयोजन और दूरस्थ कार्य के दौरान होने वाले डिजिटल संवाद को भी उनके वास्तविक कार्य-संबंध के अनुसार संबोधित करें।

अधिनियम की शिकायत व्यवस्था पीड़ित महिला के लिए है। नियोक्ता अपनी आचार नीति में अन्य लैंगिक पहचानों को अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है, लेकिन उस कंपनी प्रक्रिया को आंतरिक समिति के वैधानिक अधिकार क्षेत्र के समान न बताए। शिकायतकर्ता को यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन-सा मामला समिति देखेगी और कौन-सा मामला सामान्य अनुशासन या शिकायत प्रक्रिया में जाएगा।

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के दंडात्मक परिणाम और समिति गठन आदेश प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें। कर्मचारियों के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम और समिति सदस्यों के लिए अलग अभिमुखीकरण तथा क्षमता-विकास सत्र कराएँ। कानून सभी प्रतिष्ठानों के लिए कार्यक्रमों की एक समान वार्षिक संख्या निर्धारित नहीं करता, इसलिए आवृत्ति को नियुक्तियों, समिति बदलाव, कार्यस्थल जोखिम और पिछले प्रशिक्षण के आधार पर लिखित कैलेंडर में तय करें।

प्रशिक्षण रजिस्टर में तारीख, विषय, प्रशिक्षक, अवधि, माध्यम, उपस्थित कर्मचारियों के नाम या क्रमांक और प्रयुक्त सामग्री का संस्करण दर्ज करें। उपस्थिति सूची को शिकायत अभिलेख से अलग रखें। प्रतिक्रिया लेते समय ऐसे व्यक्तिगत विवरण न माँगें जिनसे संभावित शिकायतकर्ता की पहचान अनावश्यक रूप से सामने आ सकती हो।

5. शिकायत मिलने पर समयबद्ध और निष्पक्ष प्रक्रिया चलाएँ

आंतरिक समिति गोपनीय शिकायत को अधिकार-क्षेत्र जाँच से समयबद्ध जाँच रिपोर्ट तक ले जाती हुई

समिति पहले जाँचती है कि शिकायत यौन उत्पीड़न की वैधानिक परिभाषा और उसके कार्यस्थल संबंध के भीतर है या नहीं। पीड़ित महिला घटना के तीन महीने के भीतर, या घटनाओं की शृंखला में अंतिम घटना से तीन महीने के भीतर लिखित शिकायत कर सकती है। लिखने में असमर्थ होने पर समिति उचित सहायता देती है; दर्ज कारणों के आधार पर अधिकतम तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।

  1. शिकायत को सीमित पहुँच वाले अभिलेख में प्राप्ति क्रमांक दें और शिकायतकर्ता को प्रक्रिया तथा उपलब्ध सहायता समझाएँ।
  2. यदि पीड़ित महिला जाँच शुरू होने से पहले लिखित रूप से सुलह माँगती है, तभी उस विकल्प पर विचार करें; धनराशि सुलह का आधार नहीं बन सकती।
  3. प्रतिवादी को शिकायत और सहायक दस्तावेज नियमानुसार भेजें तथा उत्तर, दस्तावेज और गवाह प्रस्तुत करने का अवसर दें।
  4. दोनों पक्षों को सुनवाई का निष्पक्ष अवसर दें। हित-संघर्ष वाला सदस्य स्वयं को मामले से अलग करे और उसकी जगह वैध सदस्य की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  5. जाँच 90 दिनों के भीतर पूरी करें। जाँच पूरी होने के 10 दिनों के भीतर निष्कर्ष रिपोर्ट नियोक्ता और संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराएँ; सिफारिश मिलने पर नियोक्ता को 60 दिनों के भीतर कार्रवाई करनी होती है।

केवल शिकायत सिद्ध न कर पाना दुर्भावनापूर्ण शिकायत का प्रमाण नहीं है। दुर्भावना का अलग निष्कर्ष निर्धारित जाँच के बाद ही निकाला जा सकता है। सेवा नियम, आपराधिक आरोप या अधिकार क्षेत्र जटिल होने पर स्वतंत्र कानूनी सलाह ली जा सकती है, पर तथ्य और सिफारिश पर निर्णय समिति को निष्पक्ष प्रक्रिया से करना होगा।

6. शिकायत अभिलेख में गोपनीयता कैसे बनाएँ

सामान्य मानव संसाधन साझा ड्राइव या सभी प्रबंधकों के लिए खुली स्प्रेडशीट शिकायत अभिलेख के लिए उपयुक्त नहीं है। शिकायत की सामग्री, पीड़ित महिला, प्रतिवादी और गवाहों की पहचान, सुलह, जाँच कार्यवाही, समिति की सिफारिश तथा नियोक्ता की कार्रवाई सार्वजनिक या अनधिकृत रूप से साझा नहीं की जा सकती।

मुख्य नियंत्रण रजिस्टर में मामला क्रमांक, प्राप्ति तारीख, अधिकार-क्षेत्र निर्णय, वर्तमान चरण, अगली समय-सीमा, बंद होने की तारीख और सुरक्षित अभिलेख का स्थान रखें। शिकायत, उत्तर, साक्ष्य, बैठक विवरण, हित-संघर्ष घोषणाएँ, अंतरिम सिफारिश और अंतिम रिपोर्ट को अलग मामले-फोल्डर में सीमित पहुँच के साथ रखें। वार्षिक रिपोर्ट और प्रशिक्षण रजिस्टर में पहचान योग्य विवरण न जोड़ें।

डिजिटल अभिलेख में भूमिका-आधारित पहुँच, बहु-कारक प्रमाणीकरण, डाउनलोड नियंत्रण, सुरक्षित प्रतिलिपि और पहुँच विवरण उपयोगी हैं। लिखित संरक्षण नीति में लागू सेवा नियम, संभावित अपील या मुकदमेबाजी और राज्य अथवा जिला निर्देश देखें। किसी एक मनमानी अवधि को सभी मामलों पर लागू करने से पहले कानूनी आवश्यकता जाँचें।

7. वार्षिक रिपोर्ट का हिंदी नमूना बनाएँ

पीठासीन अधिकारी पहचान रहित शिकायत आँकड़ों, प्रशिक्षण और कार्रवाई को वार्षिक POSH रिपोर्ट में संकलित करती हुई

आंतरिक समिति को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष के लिए वार्षिक रिपोर्ट तैयार करके नियोक्ता और जिला अधिकारी को देनी होती है। केंद्रीय POSH नियमों का वार्षिक रिपोर्ट प्रारूप प्राप्त शिकायतों, वर्ष में निपटाई गई शिकायतों, 90 दिनों से अधिक लंबित मामलों, आयोजित कार्यशालाओं या जागरूकता कार्यक्रमों और नियोक्ता अथवा जिला अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई के स्वरूप का विवरण माँगता है।

नमूना: “प्रतिष्ठान: [नाम]; कार्यालय और जिला: [विवरण]; रिपोर्टिंग वर्ष: [कैलेंडर वर्ष]; समिति गठन आदेश की तारीख: [तारीख]; प्राप्त शिकायतें: [संख्या]; वर्ष में निपटाई गई शिकायतें: [संख्या]; 90 दिनों से अधिक लंबित मामले: [संख्या]; जागरूकता या प्रशिक्षण कार्यक्रम: [संख्या और तारीखें]; समिति की सिफारिशों पर कार्रवाई का स्वरूप: [पहचान रहित संक्षिप्त विवरण]; प्रमाणन: रिपोर्ट शिकायतकर्ता, प्रतिवादी या गवाह की पहचान प्रकट नहीं करती।”

शून्य शिकायत होने पर भी स्थानीय निर्देश जाँचकर शून्य-विवरण वाली रिपोर्ट तैयार करना व्यावहारिक नियंत्रण है। रिपोर्ट पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर, तारीख और समिति की स्वीकृति का अभिलेख रखें। संगठन की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में दायर मामलों और उनके निपटारे की संख्या शामिल करें; यदि संगठन ऐसी रिपोर्ट तैयार नहीं करता, तो यह जानकारी जिला अधिकारी को दें।

जमा की गई प्रति, प्रेषण ईमेल या पोर्टल पावती और प्राप्ति की पुष्टि सुरक्षित रखें। रिपोर्ट के आँकड़ों को शिकायत नियंत्रण रजिस्टर से मिलाएँ, लेकिन जिला रिपोर्ट में नाम, आरोप का विस्तृत वर्णन या पहचान कराने वाला कोई विवरण न भेजें, जब तक सक्षम प्राधिकारी किसी वैधानिक आधार पर विशिष्ट जानकारी न माँगे।

8. जिला अधिकारी की तारीख और जमा माध्यम जाँचें

राष्ट्रीय कानून वार्षिक रिपोर्ट का दायित्व निर्धारित करता है, लेकिन परिचालन तारीख और जमा माध्यम जिला निर्देशों में दिए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, गुरुग्राम जिला प्रशासन के POSH पृष्ठ पर कैलेंडर वर्ष 2025 की रिपोर्ट के लिए 28 फरवरी 2026 की अंतिम तारीख, जिला अधिकारी का ईमेल और सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों की अलग जाँच-सूचियाँ दी गई हैं। यह गुरुग्राम और उस रिपोर्टिंग वर्ष की बीत चुकी तारीख है; इसे दूसरे जिले या अगले वर्ष के लिए न अपनाएँ।

हर रिपोर्टिंग चक्र की शुरुआत में संबंधित जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर POSH वार्षिक रिपोर्ट, जिला अधिकारी और रिपोर्टिंग वर्ष के निर्देश खोजें। नया निर्देश न मिले तो जिला अधिकारी या अधिसूचित नोडल कार्यालय से लिखित पुष्टि माँगें और उत्तर सुरक्षित रखें।

बहु-स्थान नियोक्ता एक नियंत्रण-सारणी में प्रत्येक कार्यालय का जिला, लागू समिति, जिला अधिकारी, जमा ईमेल या पोर्टल, अंतिम तारीख, जिम्मेदार व्यक्ति और पावती दर्ज करे। इससे मुख्यालय की एक रिपोर्ट भेजकर अन्य कार्यालयों की स्थानीय जिम्मेदारी छूटने का जोखिम कम होता है।

9. 30 दिनों में व्यवस्था सक्रिय करने की योजना

पहले सप्ताह में स्थानवार कर्मचारी गणना, मौजूदा नीति और समिति की कमियाँ दर्ज करें। दूसरे सप्ताह में पीठासीन अधिकारी, कर्मचारी सदस्य और बाहरी सदस्य चुनें, हित-संघर्ष जाँचें तथा गठन आदेश जारी करें। तीसरे सप्ताह में नीति, सुरक्षित शिकायत माध्यम, गोपनीय अभिलेख और कार्यस्थल पर आवश्यक सूचना सक्रिय करें।

चौथे सप्ताह में कर्मचारियों का जागरूकता सत्र और समिति का अलग प्रक्रिया-अभिमुखीकरण कराएँ। अनुपालन कैलेंडर में सदस्य कार्यकाल, कर्मचारी गणना की नियमित समीक्षा, प्रशिक्षण, नीति समीक्षा और प्रत्येक जिले की रिपोर्टिंग जाँच के लिए जिम्मेदार व्यक्ति तथा अनुस्मारक तय करें। अंतिम जाँच यह होनी चाहिए कि शिकायत न आने पर भी समिति वैध संरचना में सक्रिय, प्रशिक्षित और वार्षिक रिपोर्ट देने के लिए तैयार है।

साझा करें:

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

Web3, AI और क्रिप्टो की नवीनतम खबरें सीधे अपने इनबॉक्स में पाएँ।

0