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Nandan Nilekani की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स गठित

|अपडेट किया गया: |लेखक: व्याचेस्लाव वासिपेनोक|5 मिनट पढ़ने का समय| 402
Nandan Nilekani की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स गठित

Nandan Nilekani की अध्यक्षता में राष्ट्रीय परीक्षाओं में सुधार के लिए उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2026 को इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, इस कार्यबल का नेतृत्व Nandan Nilekani करेंगे और इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए सुझाव तैयार करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक घोषणा में अभी कार्यबल की विस्तृत समयसीमा या अंतिम सिफारिशों का पूरा खाका जारी नहीं किया गया है।

यह पहल मुख्य रूप से National Testing Agency यानी NTA से जुड़ी परीक्षाओं की सुरक्षा, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर केंद्रित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पैनल परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और संरचनात्मक बदलावों पर सुझाव देगा तथा सरकार उसके प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। India Today की 26 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए कार्यबल की सिफारिशों का उपयोग करना चाहती है।

Nandan Nilekani की टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल हैं

Nandan Nilekani की अध्यक्षता वाली बहु-विषयक परीक्षा सुधार समिति NTA प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों की समीक्षा करती हुई

यह केवल तकनीकी विशेषज्ञों का समूह नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पैनल में परीक्षा प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान, खुफिया सुरक्षा, उच्च शिक्षा, प्रशासन और लॉजिस्टिक्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले सदस्य शामिल किए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि सरकार परीक्षा सुरक्षा को केवल प्रश्नपत्र की डिजिटल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती।

  • तकनीकी विशेषज्ञ और Infosys के सह-संस्थापक Nandan Nilekani अध्यक्ष हैं।
  • पूर्व ISRO अध्यक्ष एस. सोमनाथ सदस्य हैं।
  • पूर्व IB निदेशक तपन डेका को सुरक्षा और खुफिया दृष्टिकोण के लिए शामिल किया गया है।
  • IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि उच्च शिक्षा और तकनीकी संस्थानों का अनुभव लेकर पैनल में हैं।
  • पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल प्रशासनिक और शिक्षा-नीति पक्ष का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  • लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा परीक्षा संचालन और आपूर्ति-श्रृंखला से जुड़े पहलुओं पर योगदान देंगे।

Hindustan Times की प्रकाशित सदस्य-सूची में इन छह नामों का उल्लेख है। हालांकि, सरकार के आधिकारिक संक्षिप्त बयान में सदस्यों की पूरी भूमिका, बैठक की प्रक्रिया और रिपोर्ट जमा करने की निश्चित तारीख अलग से नहीं बताई गई है।

पैनल का मुख्य काम NTA परीक्षाओं को सुरक्षित बनाना है

प्रधानमंत्री की घोषणा का तत्काल अर्थ यह है कि NTA की परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा अब एक बहु-विषयक कार्यबल करेगा। India Today के अनुसार, पैनल को NTA परीक्षाओं में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के साथ-साथ संरचनात्मक सुधारों पर भी सुझाव देना है। इसका मतलब केवल कंप्यूटर आधारित परीक्षा बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षित रखने, केंद्रों तक पहुंचाने, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थी पहचान और परिणाम तैयार करने की पूरी शृंखला की समीक्षा हो सकती है।

यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है: अभी तक सरकार ने यह नहीं बताया है कि कौन-सी परीक्षा किस प्रारूप में बदलेगी, कौन-सा नया सॉफ्टवेयर अपनाया जाएगा या प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए कौन-सी तकनीक अनिवार्य होगी। इसलिए किसी खास प्रणाली, बायोमेट्रिक व्यवस्था या परीक्षा प्रारूप को अंतिम निर्णय बताना समय से पहले होगा। इस चरण पर आधिकारिक रूप से केवल कार्यबल के गठन और उसके व्यापक उद्देश्य की पुष्टि हुई है।

टेक्नोलॉजी के साथ संचालन और जवाबदेही की भी समीक्षा

NTA परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्र सुरक्षा, केंद्र निगरानी और संचालन जवाबदेही के जुड़े हुए चरण

परीक्षा की विश्वसनीयता एक ही डिजिटल उपाय से तय नहीं होती। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले कर्मचारियों की पहुंच, प्रिंटिंग और पैकेजिंग, परिवहन, परीक्षा केंद्रों की स्थानीय व्यवस्था, सर्वर और नेटवर्क सुरक्षा, अभ्यर्थियों की पहचान तथा शिकायतों के निपटारे जैसे कई चरणों में जोखिम हो सकता है। पैनल में पूर्व ISRO अध्यक्ष, पूर्व IB निदेशक और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ की मौजूदगी इसी व्यापक समीक्षा की दिशा की ओर संकेत करती है, हालांकि अंतिम सिफारिशें आने तक इसे सरकार की घोषित नीति नहीं माना जा सकता।

Hindustan Times ने रिपोर्ट किया है कि कार्यबल आगामी परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल उपायों और भविष्य की परीक्षा व्यवस्था, दोनों पर सुझाव देगा। इस अंतर को समझना जरूरी है। तत्काल उपायों का संबंध आने वाली परीक्षाओं में जोखिम घटाने से होगा, जबकि दीर्घकालीन सुधारों में संस्थागत जिम्मेदारी, तकनीकी ढांचा और परीक्षा संचालन के मानक बदलने पड़ सकते हैं।

कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक सुधार अलग-अलग ट्रैक पर

कार्यबल का गठन दंडात्मक कार्रवाई का विकल्प नहीं है। India Today की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से निपटने के लिए संसद में कानून में कड़े प्रावधानों से जुड़ा विधेयक लाने की तैयारी भी कर रही है। इस प्रस्तावित कानूनी प्रक्रिया का उद्देश्य सजा, जांच और मुकदमों से जुड़े ढांचे को मजबूत करना बताया गया है।

इसका व्यावहारिक अर्थ यह है कि सरकार दो समानांतर स्तरों पर काम करने का दावा कर रही है: एक तरफ कथित अनियमितताओं पर जांच और दंड, दूसरी तरफ ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश जिसमें प्रश्नपत्र और परीक्षा संचालन अधिक सुरक्षित हों। इनमें से किसी भी कदम का वास्तविक प्रभाव तभी मापा जा सकेगा जब विधायी प्रक्रिया, प्रशासनिक आदेश और परीक्षा परिणामों से जुड़े ठोस विवरण सार्वजनिक होंगे।

अभी क्या स्पष्ट नहीं है

26 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में कार्यबल की अंतिम समयसीमा, रिपोर्ट का सार्वजनिक प्रारूप, सिफारिशों को लागू करने वाली एजेंसी और आगामी परीक्षाओं पर तत्काल असर का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पैनल केवल NTA की परीक्षाओं की समीक्षा करेगा या सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था के अन्य हिस्सों के लिए भी मॉडल सुझाएगा।

छात्रों और अभिभावकों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टास्क फोर्स का गठन परीक्षा नियमों में तत्काल बदलाव की घोषणा नहीं है। प्रवेश-पत्र, परीक्षा तिथि, पाठ्यक्रम, आवेदन प्रक्रिया या परीक्षा प्रारूप में बदलाव तभी मान्य होगा जब संबंधित आधिकारिक संस्था अलग से सूचना जारी करे। कार्यबल की रिपोर्ट और उसके बाद आने वाले मंत्रालयी आदेश ही यह बताएंगे कि सुधारों का असर किस परीक्षा से और किस चरण में शुरू होगा।

इस समय तक पुष्ट स्थिति यही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Nandan Nilekani के नेतृत्व में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की है, छह सदस्यीय बहु-विषयक समूह की जानकारी सामने आई है और NTA परीक्षाओं की तकनीकी तथा संरचनात्मक समीक्षा इसका केंद्रीय उद्देश्य है। आगे की स्पष्टता पैनल की कार्य-योजना, रिपोर्ट और सरकार द्वारा स्वीकार किए गए ठोस फैसलों से मिलेगी।

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