Quanfluence को 10 मिलियन USD—चार क्यूबिट पहले, 100 का लक्ष्य 2029

|लेखक: QUASA संपादकीय टीम|6 मिनट पढ़ने का समय| 3
Quanfluence को 10 मिलियन USD—चार क्यूबिट पहले, 100 का लक्ष्य 2029

बेंगलुरु की Quanfluence ने 7 अक्टूबर 2026 को 10 मिलियन USD के निवेश दौर की घोषणा की। इसका नेतृत्व Chiratae Ventures ने किया; पहले से निवेशक Pi Ventures और Rainmatter by Zerodha भी शामिल हुए। पूँजी का घोषित उद्देश्य कंपनी की फोटोनिक चिप, नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर को एक क्वांटम कंप्यूटिंग प्रणाली में जोड़ना है।

सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी सुजॉय चक्रवर्ती ने Economic Times को बताई समयरेखा में निकट अवधि में चार-क्यूबिट कंप्यूटर और 2029 तक लगभग 100-क्यूबिट प्रोटोटाइप का लक्ष्य रखा। पहला छोटा कंप्यूटर भी आगामी काम है, तैयार मशीन की घोषित उपलब्धि नहीं। अभी कंपनी ने चिप निर्माण, क्वांटम प्रकाश उत्पन्न करने और विशेष अनुकूलन मशीन को उत्पाद बनाने जैसे अलग पड़ाव पूरे किए हैं।

नई पूँजी से क्या बनाया जाना है

निवेश का केंद्र घटकों को एक साथ चलने वाले प्रोसेसर में बदलना है। फोटोनिक क्वांटम कंप्यूटिंग में प्रकाश के कण, फोटॉन, सूचना ले जाते हैं। चिप को प्रकाश का रास्ता बनाना होता है, इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों को संचालन सँभालना होता है और सॉफ्टवेयर को गणना का निर्देश देना होता है। इन हिस्सों का अलग-अलग बन जाना उस पूरी प्रक्रिया के काम करने का प्रमाण नहीं है।

Pi Ventures ने कंपनी के पिछले बीज निवेश दौर का नेतृत्व किया था और इस दौर में फिर भाग लिया। Rainmatter by Zerodha की भागीदारी के साथ अब निवेशकों का समर्थन निर्माण के अगले चरण तक बढ़ा है। वित्त जुटाने से तकनीकी लक्ष्य अपने आप पूरे नहीं होते: उपकरणों को जोड़ने, उनसे उपयोगी संकेत पाने और संचालन को दोहराने योग्य बनाने का काम अभी उसी पूँजी से किया जाना है।

कंपनी की योजना में शुरुआती प्रोसेसर और बाद की बड़ी मशीन के बीच इसी कारण स्पष्ट अंतर है। छोटा प्रोसेसर प्रस्तावित तकनीक को एक व्यवस्था में दिखाएगा; बड़ा प्रोटोटाइप बताएगा कि उसे विस्तार देते समय वही व्यवस्था कायम रह सकती है या नहीं। दोनों पड़ावों को एक ही उत्पाद की उपलब्धता समझने से निवेश के वास्तविक उद्देश्य और विकास के क्रम की तस्वीर धुँधली हो जाती है।

बनी हुई चिप से कार्यशील प्रोसेसर तक

Quanfluence ने फोटोनिक और इलेक्ट्रॉनिक एकीकृत परिपथों के डिजाइन बनाकर उनका निर्माण किया है। उसने चिप को ऑप्टिकल फाइबर से कम हानि के साथ जोड़ने के तरीके विकसित किए और क्वांटम प्रकाश अवस्थाएँ उत्पन्न करके दिखाई हैं। प्रकाश तथा पदार्थ की परस्पर क्रिया के लिए फोटोनिक चिप पर काम भी आगे बढ़ा है। ये ठोस तकनीकी उपलब्धियाँ हैं, हालांकि इनमें संयुक्त क्वांटम प्रोसेसर का प्रदर्शन शामिल नहीं है।

फाइबर और चिप का जोड़ महत्त्वपूर्ण है क्योंकि प्रकाश को चिप तक पहुँचाना और उससे बाहर निकालना गणना की पूरी व्यवस्था का हिस्सा है। रास्ते में प्रकाश की हानि बढ़े तो स्रोत, चिप और संकेत लेने वाले हिस्सों को जोड़ना कठिन होता है। कम हानि वाला जोड़ विकसित करने का दावा इसलिए मशीन के निर्माण से सीधे जुड़ता है; वह अपने आप में बड़े प्रोटोटाइप की क्षमता का माप नहीं देता।

कंपनी के पास चिप बनाने का अनुभव भी है। उसके संस्थापकों में से कुछ ने पहले Silicon and Beyond बनाया था, जिसे Synopsys ने अधिग्रहीत किया; Quanfluence का संबंध आईआईटी मद्रास इनक्यूबेशन सेल से है। यह पृष्ठभूमि बताती है कि प्रस्तावित प्रणाली में चिप डिजाइन और क्वांटम प्रकाशिकी को क्यों साथ रखा गया है। आगामी परीक्षा उन कौशलों को एक ही उपकरण में विश्वसनीय गणना में बदलने की होगी।

क्वांटम प्रकाश पैदा करके दिखाना उस परीक्षा का एक जरूरी हिस्सा है। लेकिन कार्यशील कंप्यूटर में प्रकाश तैयार होने के बाद उसे नियंत्रित करना, चिप से गुजारना और परिणाम पढ़ना भी शामिल होगा। हर चरण का व्यवहार अगले चरण को प्रभावित करता है। इसलिए बनी हुई चिपों और प्रकाश के प्रदर्शन से आगे, पूरी श्रृंखला का एक साथ संचालन ही शुरुआती प्रोसेसर को अलग तकनीकी पड़ाव बनाएगा।

आइसिंग मशीन की उपलब्धि का दायरा

Quanfluence की फोटोनिक आइसिंग मशीन उसके वर्तमान उत्पाद कार्य का उदाहरण है। कंपनी के आइसिंग मशीन विवरण में इसे अनुकूलन समस्याओं के लिए बना उपकरण बताया गया है, जो अधिकतम 100,000 चर वाली समस्याएँ सँभालने में सक्षम होने का दावा करता है। यहाँ चर समस्या में चुने जाने वाले मान हैं; यह संख्या प्रस्तावित क्वांटम कंप्यूटर के क्यूबिटों की गिनती नहीं है।

अनुकूलन का काम उपलब्ध विकल्पों में किसी शर्त के अनुसार उपयुक्त संयोजन खोजना है। ऐसी समस्या के लिए बनी विशेष मशीन और अलग-अलग तरह की क्वांटम गणनाएँ करने वाले प्रोसेसर की भूमिका अलग होती है। आइसिंग मशीन को उत्पाद के रूप में विकसित करना दिखाता है कि कंपनी अपने प्रकाश आधारित हार्डवेयर के एक हिस्से को प्रयोगशाला से आगे ले गई है। इससे व्यापक उपयोग वाले क्वांटम कंप्यूटर के पूरा होने का निष्कर्ष नहीं निकलता।

इस भेद का कारोबारी अर्थ भी है। मौजूदा विशेष मशीन और उपलब्ध क्वांटम उपकरण कंपनी को निकट अवधि में उत्पाद पेश करने का आधार देते हैं, जबकि नया निवेश लंबे निर्माण चक्र वाले कंप्यूटर पर केंद्रित है। इस तरह वर्तमान पेशकश और भावी प्रोटोटाइप एक ही तकनीकी यात्रा में आते हैं, पर उनका उपयोग, क्षमता और विकास की अवस्था एक जैसी नहीं है।

छोटे प्रोसेसर के बाद बड़ी चुनौती

चक्रवर्ती ने Moneycontrol से बातचीत में 2027 के आरंभ तक छोटे प्रोसेसर की उम्मीद जताई और क्यूबिट गिनती पर कहा, “The qubit count as a number is not necessarily a great indicator of anything.” उनका आशय था कि मशीन का आकार अकेले उसकी उपयोगिता नहीं बताता। प्रकाश के कणों के बीच आवश्यक परस्पर क्रिया कराना भी प्रस्तावित तकनीक की मुख्य चुनौती है।

फोटॉन का आसानी से आगे बढ़ना विस्तार के लिए आकर्षक गुण है, लेकिन उनके बीच नियंत्रित परस्पर क्रिया कराना कठिन पड़ता है। क्वांटम गणना के लिए क्यूबिटों को परस्पर प्रभावित करने की जरूरत होती है। Quanfluence का प्रस्तावित तरीका इस क्रिया को विश्वसनीय बनाने पर केंद्रित है, हालांकि इससे क्यूबिट तैयार करने का काम अधिक जटिल होता है। इसलिए छोटे प्रोसेसर से मिलने वाला प्रमाण उसकी गिनती से अधिक उसके संचालन के बारे में होगा।

उसके बाद बड़ी मशीन में वही व्यवस्था फैलानी होगी। अधिक घटक जोड़ने पर प्रकाश की हानि, चिपों का आपसी तालमेल और नियंत्रण का व्यवहार भी मायने रखेगा। अभी घोषित उपलब्धियाँ इन समस्याओं से जुड़े हिस्सों पर काम दिखाती हैं; बड़े प्रोटोटाइप के संचालन का परिणाम आगे आना है। निवेश ने उस काम के लिए साधन दिए हैं और अब शुरुआती प्रोसेसर उसका अगला प्रत्यक्ष तकनीकी पड़ाव होगा।

यह भी पढ़ें:

साझा करें:

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

Web3, AI और क्रिप्टो की नवीनतम खबरें सीधे अपने इनबॉक्स में पाएँ।

0