Zerodha या Groww: मुफ्त डिलीवरी और ₹5 न्यूनतम शुल्क चुनाव बदलते हैं

|लेखक: QUASA संपादकीय टीम|7 मिनट पढ़ने का समय
Zerodha या Groww: मुफ्त डिलीवरी और ₹5 न्यूनतम शुल्क चुनाव बदलते हैं

भारतीय निवासी व्यक्तिगत निवेशक के मानक इक्विटी डिलीवरी आदेश पर Zerodha की शुल्क-सूची खरीद और बिक्री, दोनों के लिए ₹0 ब्रोकरेज रखती है। Groww की प्रकाशित दर प्रत्येक आदेश पर 0.1% या ₹20 में कम राशि लेती है, जिसका सामान्य न्यूनतम ₹5 है; इसलिए ₹10,000 की एक खरीद पर उसकी ब्रोकरेज ₹10 बनती है।

नियमित डिलीवरी खरीद में Zerodha का खर्च कम पड़ता है, खासकर जब उसका डीमैट रखरखाव शुल्क शून्य हो। लेकिन जिस खाते पर Zerodha का पूरा सालाना रखरखाव लगता है और साल में सौदे कम होते हैं, वहाँ Groww की शून्य रखरखाव दर कुल चुनाव बदल सकती है। बिक्री पर लगने वाला डीपी शुल्क भी दोनों की केवल खरीद-ब्रोकरेज देखकर निकाले गए अंतर को बढ़ाता है।

छोटे आदेश में ₹5 हमेशा क्यों नहीं लगता

Groww का न्यूनतम शुल्क बहुत छोटे सौदे पर एक सीमा के अधीन है। उसकी ब्रोकरेज संबंधी सहायता के अनुसार, सामान्य गणना ₹5 से नीचे आए तो शुल्क ₹5 और सौदे के मूल्य के 2.5% में कम होगा। इस नियम से ₹100 के निष्पादित आदेश पर ब्रोकरेज ₹2.50, ₹500 पर ₹5, ₹10,000 पर ₹10 और ₹1 लाख पर ₹20 बनती है। ये प्रत्येक आदेश की राशियाँ हैं, पूरे दिन या पूरे महीने की नहीं।

आदेशों की संख्या इसलिए लागत बदलती है। शर्तों पर आधारित उदाहरण में ₹10,000 की एक खरीद पर Groww की ब्रोकरेज ₹10 होगी। वही रकम बीस अलग-अलग ₹500 खरीद आदेशों में लगाने पर ब्रोकरेज ₹100 हो जाएगी। Zerodha में पात्र व्यक्तिगत डिलीवरी आदेशों की ब्रोकरेज दोनों तरीकों से शून्य रहती है। इस उदाहरण में निवेश की कुल रकम समान है; अंतर केवल उसे निष्पादित आदेशों में बाँटने से पैदा होता है।

खरीद की इस तुलना में जीएसटी, प्रतिभूति लेनदेन कर और दूसरे वैधानिक शुल्क अभी नहीं जुड़े हैं। ब्रोकरेज पर लगने वाला जीएसटी Groww के साथ अंतर को और बढ़ाता है, जबकि निवेश राशि पर लगने वाले अधिकतर सरकारी शुल्क दोनों तरफ रहते हैं। इसीलिए बार-बार छोटी खरीद करने वाला निवेशक केवल ₹20 की अधिकतम ब्रोकरेज देखकर अपनी लागत नहीं समझ पाएगा।

शेयर बेचते समय डीपी शुल्क कैसे जुड़ता है

डिलीवरी शेयर बेचने पर डीमैट खाते से प्रतिभूतियाँ निकलती हैं और डीपी शुल्क अलग लगता है। Zerodha की डीपी शुल्क की व्याख्या के अनुसार पुरुष प्राथमिक खाताधारक के लिए यह जीएसटी सहित ₹15.34 है। एक ही कंपनी का शेयर एक दिन में कई आदेशों से बेचने पर सामान्यतः यह शुल्क एक बार लगता है; अलग कंपनियों के शेयरों के लिए अलग शुल्क लगता है। महिला प्राथमिक खाताधारक की संबंधित दर ₹15.05 है।

Groww की मानक दर में कम से कम ₹100 मूल्य की प्रत्येक बिक्री पर पुरुष खाताधारक के लिए ₹3.50 डिपॉजिटरी शुल्क और ₹16.50 Groww शुल्क जुड़ते हैं। जीएसटी के बाद कुल ₹23.60 बनता है; महिला खाताधारक के लिए कुल ₹23.31 है। ₹100 से कम मूल्य की बिक्री में Groww अपना ₹16.50 हिस्सा माफ करता है, लेकिन डिपॉजिटरी शुल्क और उस पर जीएसटी रहता है। ऊपर के सभी तुलनात्मक उदाहरण पुरुष प्राथमिक खाताधारक की दर इस्तेमाल करते हैं।

दोनों में शुल्क लगने की इकाई भी अलग है। एक ही शेयर को उसी दिन दो बिक्री आदेशों में निकालने पर Zerodha का सामान्य डीपी शुल्क एक बार लग सकता है, जबकि Groww प्रत्येक बिक्री लेनदेन पर शुल्क लगाता है। दूसरी ओर, उसी दिन दो अलग कंपनियों के शेयर बेचने पर Zerodha में भी दो डीपी शुल्क बनेंगे। इसलिए बिक्री की कुल रकम के साथ यह देखना जरूरी है कि कितने आदेश, कितनी कंपनियाँ और कितने दिन शामिल हैं।

₹100, ₹10,000 और ₹1 लाख की खरीद-बिक्री

निम्न राशियाँ शर्तों पर आधारित गणना हैं: एनएसई पर एक कंपनी के शेयरों की एक डिलीवरी खरीद और बाद में उसी कुल मूल्य पर एक बिक्री, पुरुष प्राथमिक खाताधारक और मानक शुल्क व्यवस्था। हर पंक्ति में ब्रोकरेज, बिक्री का डीपी शुल्क तथा कर और अन्य शुल्क अलग रखे गए हैं। अंतिम मद में दोनों तरफ का प्रतिभूति लेनदेन कर, खरीद की स्टाम्प ड्यूटी, एक्सचेंज व नियामक शुल्क और ब्रोकरेज पर लागू जीएसटी शामिल हैं। डीपी पर जीएसटी डीपी राशि में ही है। अनुबंध-पत्र में पूर्णांकन के कारण वास्तविक रकम थोड़ी अलग हो सकती है।

  • ₹100 की खरीद और ₹100 की बिक्री: Zerodha में ब्रोकरेज ₹0, डीपी ₹15.34 तथा कर और अन्य शुल्क लगभग ₹0.22 हैं; कुल लगभग ₹15.56। Groww में दोनों आदेशों की ब्रोकरेज ₹5, डीपी ₹23.60 तथा कर और अन्य शुल्क लगभग ₹1.12 हैं; कुल लगभग ₹29.72। इस आकार में बिक्री का डीपी शुल्क निवेश राशि की तुलना में बड़ा खर्च है।
  • ₹10,000 की खरीद और समान मूल्य की बिक्री: Zerodha में ब्रोकरेज ₹0, डीपी ₹15.34 और कर तथा अन्य शुल्क लगभग ₹22.25 हैं; कुल लगभग ₹37.59। Groww में दोनों आदेशों की ब्रोकरेज ₹20, डीपी ₹23.60 और कर तथा अन्य शुल्क लगभग ₹25.85 हैं; कुल लगभग ₹69.45। इस एक खरीद-बिक्री में Zerodha करीब ₹31.86 सस्ता है।
  • ₹1 लाख की खरीद और समान मूल्य की बिक्री: Zerodha में ब्रोकरेज ₹0, डीपी ₹15.34 और कर तथा अन्य शुल्क लगभग ₹222.48 हैं; कुल लगभग ₹237.82। Groww में ब्रोकरेज ₹40, डीपी ₹23.60 और कर तथा अन्य शुल्क लगभग ₹229.68 हैं; कुल लगभग ₹293.28। Groww की ₹20 सीमा खरीद और बिक्री, दोनों आदेशों पर अलग लागू होती है।

इन गणनाओं में निवेश मूल्य जितना बढ़ता है, दोनों के साझा कर कुल खर्च का उतना बड़ा हिस्सा बनते हैं। लेकिन ब्रोकरेज और डीपी शुल्क का अंतर समाप्त नहीं होता। ₹100 के उदाहरण में Groww के ₹5 कुल ब्रोकरेज का कारण न्यूनतम दर नहीं, बल्कि दोनों ₹100 आदेशों पर लागू ₹2.50 की सीमा है। वहीं बड़े सौदे में अधिकतम ब्रोकरेज दर निर्णायक हो जाती है।

सालाना रखरखाव जोड़ने पर फैसला कब पलटता है

Groww का प्रकाशित डीमैट रखरखाव शुल्क शून्य है। Zerodha की खाता रखरखाव दरों के अनुसार 1 जून 2026 या उसके बाद खुले निवासी व्यक्तिगत प्राथमिक खाते का पहला वर्ष मुफ्त है। उसके बाद पात्र बुनियादी सेवा डीमैट खाते में ₹4 लाख तक की होल्डिंग पर शुल्क शून्य, ₹4 लाख से ऊपर ₹10 लाख तक सालाना ₹100 और जीएसटी, तथा गैर-पात्र व्यक्तिगत खाते में सालाना ₹300 और जीएसटी लगता है। एक से अधिक डीमैट खाते होने पर बुनियादी सेवा खाते की पात्रता नहीं रहती।

अब शर्तों पर आधारित एक वर्ष लें: ₹10,000 की बारह अलग खरीद और अलग दिनों में ₹10,000 की चार बिक्री, सभी मानक दरों और समान बिक्री मूल्य पर। Zerodha में ब्रोकरेज ₹0, डीपी ₹61.36 तथा कर और अन्य लेनदेन शुल्क लगभग ₹183.99 हैं; रखरखाव से पहले कुल लगभग ₹245.35। Groww में ब्रोकरेज ₹160, डीपी ₹94.40 तथा कर और अन्य शुल्क लगभग ₹212.78 हैं; कुल लगभग ₹467.18। Zerodha के पात्र शुल्क-मुक्त खाते में इस व्यवहार पर लगभग ₹221.83 की बचत बनती है।

उसी वर्ष में यदि Zerodha का पूरा रखरखाव लागू हो, तो ₹300 पर 18% जीएसटी मिलाकर ₹354 और जुड़ेंगे। उसका कुल खर्च लगभग ₹599.35 हो जाएगा, जबकि Groww लगभग ₹467.18 पर रहेगा। यहाँ कम सौदों वाला गैर-पात्र Zerodha खाता Groww से महँगा पड़ता है, भले ही उसकी डिलीवरी ब्रोकरेज शून्य हो। पहले वर्ष की छूट पाने वाले नए प्राथमिक खाते पर यह रखरखाव नहीं जोड़ना चाहिए।

इसी गणना में चार बिक्री स्थिर रखें और केवल ₹10,000 की अलग-अलग खरीद बढ़ाएँ तो गैर-पात्र Zerodha खाते के रखरखाव की भरपाई लगभग चौबीस खरीद आदेशों पर हो जाती है। यह कोई सार्वभौमिक सीमा नहीं है: बिक्री आदेशों की संख्या, कंपनीवार डीपी शुल्क, खाते की पात्रता और सौदे का आकार बदलते ही बिंदु बदल जाएगा। इसका उपयोगी निष्कर्ष इतना है कि सालाना शुल्क को एक सौदे पर नहीं, पूरे वर्ष के व्यवहार पर बाँटना चाहिए।

किस निवेश व्यवहार में कौन सस्ता है

पात्र शुल्क-मुक्त डीमैट खाते के साथ नियमित डिलीवरी खरीदने वाले निवेशक के लिए इन दरों पर Zerodha सस्ता है। कई छोटे आदेश और बार-बार बिक्री उसकी बढ़त बढ़ा सकते हैं। जिस निवेशक को Zerodha में पूरा रखरखाव देना होगा और जो साल में केवल कुछ आदेश देता है, उसके लिए Groww का शून्य रखरखाव शुल्क अधिक मायने रख सकता है।

इस चुनाव में चार राशियाँ साथ रखें: साल भर की खरीद-ब्रोकरेज, बिक्री-ब्रोकरेज, बिक्री के डीपी शुल्क और लागू रखरखाव। कर और एक्सचेंज शुल्क भी कुल खर्च में आते हैं, पर समान मूल्य के मानक डिलीवरी सौदों में दोनों के बीच अंतर मुख्यतः पहले चार मदों से बनता है। प्रकाशित दरें बदलने या खाते की श्रेणी अलग होने पर यही हिसाब नई दरों से करना होगा।

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