Vyapar या myBillBook: सस्ता बिल तभी सही जब भूमिका और भंडार भी सँभले

|लेखक: QUASA संपादकीय टीम|7 मिनट पढ़ने का समय| 2
Vyapar या myBillBook: सस्ता बिल तभी सही जब भूमिका और भंडार भी सँभले

Vyapar और myBillBook में सही विकल्प दुकान के रोजमर्रा के काम पर निर्भर है। मालिक अकेले बिल बनाता है तो बिलिंग, भंडार और जीएसटी रिपोर्ट वाली मूल योजना पर्याप्त हो सकती है। कर्मचारियों को अलग अधिकार, कई गोदामों का हिसाब या अनुप्रयोग से ई-वे बिल चाहिए तो सबसे कम दिखाई गई दर पर फैसला करना महंगा पड़ सकता है।

कमजोर इंटरनेट वाली दुकान के लिए Vyapar की ऑफलाइन बिलिंग एक ठोस वजह है। दूसरी ओर, myBillBook की योजनाओं में डेस्कटॉप अनुप्रयोग, उपयोगकर्ता संख्या और गोदामों के स्पष्ट स्तर दिखते हैं। फैसला उस योजना की कुल लागत पर करें जिसमें बिक्री से लेकर भंडार और जरूरी कर संबंधी काम तक पूरा कार्यप्रवाह समा जाए।

दिखाई गई कीमत को सीधे क्यों नहीं जोड़ सकते

Vyapar के मूल्य विवरण में ₹242 प्रति माह की दर के साथ बिल, पूरा भंडार, जीएसटी रिपोर्ट और वस्तुओं की Excel सूची आयात करने की सुविधा दिखाई गई है। उस पृष्ठ पर इस दर के लिए अतिरिक्त उपयोगकर्ताओं या कई गोदामों की सीमा साफ नहीं दी गई है। इसलिए कर्मचारी या शाखाएँ होने पर इसे पूरे कारोबार की तय लागत मानना उचित नहीं होगा।

myBillBook की मुख्य योजना-सारणी में Plus ₹291 प्रति माह पर एक कारोबारी उपयोगकर्ता, Pro ₹333 प्रति माह पर एक कारोबारी उपयोगकर्ता और असीमित गोदाम, तथा Pro Max ₹570 प्रति माह से तीन कारोबारी उपयोगकर्ता, ई-वे बिल, ई-चालान और बिक्री काउंटर की बिलिंग दिखाता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट का प्रवेश इन कारोबारी उपयोगकर्ताओं से अलग बताया गया है। Pro में डेस्कटॉप अनुप्रयोग मिलता है; Plus में फोन और वेब पर पहुँच दी गई है। इस तरह कंप्यूटर पर अनुप्रयोग चलाना और बिक्री काउंटर की विशेष सुविधा पाना अलग खरीद शर्तें हैं।

कंपनी के दूसरे प्रस्ताव पृष्ठ पर Diamond ₹217, Platinum ₹250 और Enterprise ₹417 प्रति माह दिखते हैं; ये दरें वार्षिक भुगतान पर हैं और जीएसटी अलग है। वहाँ योजनाओं के नाम, उपयोगकर्ता सीमाएँ और ई-वे बिल की उपलब्धता मुख्य सारणी से अलग हैं। कोई भी दर चुनने से पहले लागू योजना का नाम, भुगतान अवधि, कर और आवश्यक सुविधाएँ एक ही लिखित प्रस्ताव में लेना इस अंतर को सुलझाता है।

अकेली दुकान में किस सुविधा से बचत बनती है

यदि मालिक खुद खरीद दर्ज करता है और बिक्री का बिल बनाता है, तो सबसे उपयोगी संबंध बिल और उपलब्ध वस्तु मात्रा के बीच है। बिक्री के बाद उसी वस्तु का भंडार घटे और वापसी पर सही मात्रा लौटे, तो अलग रजिस्टर मिलाने का काम कम होता है। Vyapar और myBillBook दोनों बिलिंग तथा भंडार प्रबंधन देते हैं; यहाँ चुनाव उपकरण, मुद्रक और इस्तेमाल होने वाली रिपोर्टों से बदलता है।

सिर्फ फोन से बिल बनाने वाले मालिक को डेस्कटॉप अनुप्रयोग के लिए ऊँची योजना लेने की जरूरत तभी होगी जब उसका काम सचमुच उस पर निर्भर हो। नियमित मुद्रित बिल, बारकोड या बिक्री काउंटर का अलग तरीका चाहिए तो इन्हें चुनी हुई योजना की शर्तों से मिलाना होगा। जीएसटी बिल बनना, जीएसटी रिपोर्ट निकालना और ई-चालान तैयार करना भी अलग काम हैं; एक सुविधा देखकर बाकी की उपलब्धता मान लेने से बाद में योजना बदलनी पड़ सकती है।

पुराने सामान की सूची लंबी हो तो शुरुआत में उसकी सही प्रविष्टि भी लागत का हिस्सा है। वस्तु का नाम आयात हो जाना पर्याप्त नहीं, क्योंकि बिक्री की सही मात्रा के लिए शुरुआती भंडार, इकाई और खरीद दर भी ठीक बैठनी चाहिए। गलत शुरुआती मात्रा के आधार पर बनी रिपोर्ट दुकान में वास्तव में रखे सामान का भरोसेमंद चित्र नहीं देगी।

कर्मचारियों वाली दुकान में प्रवेश और अधिकार

मान लें एक कर्मचारी ग्राहक का बिल बनाता है, दूसरा सामान की आवक दर्ज करता है और मालिक खरीद लागत देखता है। इस उदाहरण में केवल कई उपकरणों पर अनुप्रयोग खुलना पर्याप्त नहीं है: काम करने वालों को अलग प्रवेश और अलग अधिकार चाहिए। myBillBook की मुख्य योजनाओं में उपकरणों के बीच समन्वय दिया गया है, लेकिन उपकरणों की संख्या को कारोबारी उपयोगकर्ताओं की संख्या नहीं समझना चाहिए। चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए दिया प्रवेश भी काउंटर कर्मचारी की जगह नहीं लेता।

Vyapar के भंडार सुविधा विवरण में कर्मचारियों के अलग प्रवेश, बिलिंग और भंडार के अलग अधिकार, तथा गोदामों के बीच माल स्थानांतरण का उल्लेख है। यह क्षमता शुरुआती दिखाई गई दर में कितने प्रवेशों के साथ मिलेगी, इसे अलग से तय करना होगा। myBillBook के दूसरे प्रस्ताव पृष्ठ पर भी विक्रेता और भंडार प्रबंधक जैसी भूमिकाओं का उल्लेख है, लेकिन उस पृष्ठ की योजनाएँ मुख्य सारणी से अलग हैं।

अधिकारों का फर्क बिक्री में सीधे दिखता है। बिल बनाने वाले को खरीद लागत या पुराने बिक्री वाउचर बदलने का अधिकार न देना हो, तो सामान्य साझा प्रवेश काम नहीं करेगा। भंडार कर्मचारी को आवक और स्थानांतरण दर्ज करना हो तो केवल बिल बनाने की अनुमति भी कम पड़ेगी। इन दोनों कामों के लिए सही प्रवेश स्तर जिस योजना में मिलता है, उसकी कीमत ही इस दुकान की तुलना का आधार है।

कई गोदामों में कुल मात्रा काफी नहीं

अलग स्थानों पर रखे सामान के लिए कारोबारी को हर वस्तु की स्थानवार मात्रा चाहिए। एक गोदाम से दूसरे में माल भेजने पर भेजने वाले स्थान का शेष घटे और पाने वाले स्थान का बढ़े; केवल कारोबार का कुल शेष दिखने से बिक्री कहाँ से पूरी होगी, यह साफ नहीं होता। Vyapar स्थानवार निगरानी और माल स्थानांतरण की सुविधा बताता है, जबकि myBillBook की मुख्य योजना-सारणी में गोदाम प्रबंधन Pro स्तर से दिखता है।

गोदामों के साथ काम करने वाले लोगों की संख्या भी जोड़नी होगी। जिस योजना में गोदाम मिलते हों, उसमें अलग भंडार कर्मचारी के लिए पर्याप्त कारोबारी प्रवेश हों, यह अपने आप तय नहीं होता। इसी तरह ई-वे बिल चाहिए तो यह देखें कि उसे अनुप्रयोग में कौन बनाएगा और वह सुविधा उसी योजना में है या नहीं। माल भेजने की नियमित प्रक्रिया में इन सीमाओं के कारण ऊँची योजना की जरूरत बन सकती है।

स्थानवार हिसाब में वापसी और खराब सामान का असर भी देखना चाहिए। किसी शाखा से हुई बिक्री की वापसी दूसरी जगह दर्ज होने पर कुल मात्रा ठीक दिख सकती है, जबकि शाखावार शेष गलत रहेगा। योजना चुनते समय स्थानांतरण और वापसी की प्रविष्टियों को उतना ही महत्व देना चाहिए जितना गोदामों की घोषित संख्या को।

इंटरनेट बंद हो तो बिल और कर संबंधी काम अलग होंगे

Vyapar की ऑफलाइन बिलिंग विधि के अनुसार पहले ऑनलाइन प्रवेश करके कारोबारी डेटा उपकरण पर लाना होता है; उसके बाद स्थानीय रूप से बिल सहेजा जा सकता है। समन्वय चालू हो तो ऑफलाइन बिल बनाने से पहले उसे बंद करने और कनेक्शन लौटने पर फिर चालू करने का तरीका भी बताया गया है। उसी विधि में ई-वे बिल और ई-चालान बनाने के लिए सक्रिय इंटरनेट आवश्यक है।

इससे कमजोर कनेक्शन वाली दुकान के लिए एक स्पष्ट सीमा निकलती है: ग्राहक का सामान्य बिल जारी रह सकता है, लेकिन नेटवर्क से जुड़ा कर संबंधी काम रुक सकता है। यदि कई उपकरणों पर बिक्री होती है, तो इंटरनेट लौटने के बाद प्रविष्टियों का समन्वय भी कार्यप्रवाह का हिस्सा है। myBillBook की योजनाओं में उपकरणों के बीच स्वतः समन्वय दिखना अपने आप यह नहीं बताता कि नेटवर्क कटने पर हर उपकरण से बिल बनेगा।

पुराने हिसाब को लाने की लागत

सॉफ्टवेयर बदलते समय वस्तुओं की सूची, ग्राहकों की बकाया रकम, पुराने बिल और गोदामवार शुरुआती शेष अलग तरह के डेटा हैं। Vyapar की बताई गई Excel आयात सुविधा वस्तुओं की जानकारी के लिए है; उससे पूरा लेनदेन इतिहास अपने आप आ जाने का निष्कर्ष नहीं निकलता। पुराने हिसाब को फिर दर्ज करना पड़े तो सस्ती सदस्यता से हुई बचत शुरुआती मेहनत में खर्च हो सकती है।

अकेली दुकान के लिए पहले सही बिल और वस्तु मात्रा वाली योजना चुनना समझदारी है। कर्मचारियों वाली दुकान में अलग प्रवेश और सीमित अधिकार निर्णायक बनते हैं; कई गोदामों में स्थानांतरण, स्थानवार शेष और ई-वे बिल की योजना सीमा जोड़नी पड़ती है। कीमत का सही मुकाबला इन्हीं कामों को पूरा करने वाली योजनाओं के बीच है।

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