NPS से आंशिक निकासी कब कर सकते हैं: 25% सीमा, पात्र कारण और कर का हिसाब

NPS के Tier I खाते को बंद किए बिना आंशिक निकासी की जा सकती है, लेकिन 25% की सीमा खाते के कुल बाजार-मूल्य पर लागू नहीं होती। कम से कम तीन वर्ष की सदस्यता पूरी होने पर निर्धारित जरूरतों के लिए आवेदन की तारीख तक आपके अपने योगदान का अधिकतम 25% निकाला जा सकता है; नियोक्ता का योगदान और निवेश से हुई वृद्धि इस गणना में शामिल नहीं होते।
पात्र कारणों में बच्चों की उच्च शिक्षा या विवाह, शर्तों के अधीन आवास, परिवार का चिकित्सा उपचार, सदस्य की दिव्यांगता से जुड़े खर्च और व्यक्तिगत पेंशन खाते पर दर्ज ग्रहणाधिकार से जुड़ा विशेष वित्तीय दायित्व शामिल हैं। कर्मचारी के मामले में अपने योगदान की 25% सीमा तक पात्र Tier I निकासी कर-मुक्त है। सामान्य Tier II खाते की निकासी अलग नियमों से होती है।
25% की सीमा किस रकम पर लगती है
निकासी की गणना आपके योगदान पर होती है, खाते के वर्तमान मूल्य पर नहीं। 16 दिसंबर 2025 तक संशोधित NPS विनियम अपने योगदान की अधिकतम 25% सीमा, तीन वर्ष की न्यूनतम सदस्यता, पात्र प्रयोजन, सेवानिवृत्ति से पहले अधिकतम चार निकासियां, दो निकासियों के बीच चार वर्ष का अंतर और बाद के चरण में तीन वर्ष का अंतर निर्धारित करते हैं। उसी दस्तावेज में Tier II तथा बैंक भुगतान के अलग नियम भी दिए गए हैं।
एक शर्तगत उदाहरण लें। आपने Tier I में INR 6,00,000 जमा किए, नियोक्ता ने INR 4,00,000 जमा किए और निवेश से INR 2,00,000 की वृद्धि हुई। खाता-मूल्य INR 12,00,000 होने के बावजूद सामान्य गणना में ऊपरी सीमा INR 1,50,000 होगी—आपके INR 6,00,000 का 25%—न कि कुल खाते का 25%, यानी INR 3,00,000।
यदि खाते में केवल एक योगदान-धारा है, तब भी आधार जमा योगदान है, निवेश के बाद दिख रहा कुल शेष नहीं। आवेदन से पहले लेनदेन विवरण में अपना योगदान, नियोक्ता का योगदान और निवेश प्रतिफल अलग-अलग पहचानें। कुल खाते को चार से भाग देना सबसे आम और महंगी गणना-त्रुटि हो सकती है।
पहली और बाद की निकासी कब संभव है

पहली आंशिक निकासी के लिए NPS में शामिल होने की तारीख से कम से कम तीन वर्ष पूरे होने चाहिए। आंशिक निकासी से व्यक्तिगत पेंशन खाता बंद नहीं होता; निकासी के बाद बची Tier I राशि निवेशित रहती है।
60 वर्ष की आयु अथवा सेवानिवृत्ति या अधिवर्षिता की तारीख—जो बाद में हो—से पहले अधिकतम चार आंशिक निकासियां की जा सकती हैं। लगातार दो निकासियों के बीच कम से कम चार वर्ष होने चाहिए। उस पड़ाव के बाद NPS में बने सदस्य अगली आंशिक निकासी कम से कम तीन वर्ष के अंतर पर कर सकते हैं।
पुराने खोज परिणामों से यहां भ्रम हो सकता है। PFRDA का सभी नागरिकों के लिए प्रश्नोत्तर अभी भी पूरे सदस्यता-काल में अधिकतम तीन निकासियां और आवेदनों के बीच अनिवार्य अंतर न होने की बात दिखाता है। यह दिसंबर 2025 में प्रभावी संशोधित विनियम के चार निकासियों और चार वर्ष के अंतर वाले प्रावधान से मेल नहीं खाता; इसलिए आवेदन की पात्रता तय करते समय बाद के विनियम को प्राथमिक आधार मानें।
Tier I से किन कारणों के लिए पैसा निकाला जा सकता है
सामान्य नकदी की कमी, यात्रा, उपभोक्ता सामान खरीदना या कोई भी साधारण ऋण चुका देना अपने आप पात्र कारण नहीं है। आवेदन का उद्देश्य नियमों में दी गई किसी श्रेणी से स्पष्ट रूप से जुड़ा होना चाहिए:
- अपने बच्चे की उच्च शिक्षा, जिसमें कानूनी रूप से गोद लिया बच्चा शामिल है;
- अपने बच्चे का विवाह, जिसमें कानूनी रूप से गोद लिया बच्चा शामिल है;
- अपने नाम या कानूनी जीवनसाथी के साथ संयुक्त नाम में आवासीय घर या फ्लैट खरीदना अथवा बनवाना;
- स्वयं, कानूनी जीवनसाथी, बच्चों—गोद लिए बच्चों सहित—या माता-पिता का चिकित्सा उपचार अथवा अस्पताल में भर्ती;
- सदस्य की दिव्यांगता या अक्षमता से पैदा चिकित्सा और आनुषंगिक खर्च;
- विनियमित वित्तीय संस्थान से लिए उस वित्तीय दायित्व का निपटान, जिसके विरुद्ध व्यक्तिगत पेंशन खाते पर ग्रहणाधिकार या प्रभार दर्ज है।
अंतिम श्रेणी सामान्य व्यक्तिगत ऋण चुकाने की व्यापक अनुमति नहीं है। वित्तीय दायित्व और व्यक्तिगत पेंशन खाते पर दर्ज ग्रहणाधिकार या प्रभार के बीच संबंध दस्तावेजों में दिखाई देना चाहिए। केवल ऋण का बकाया होना पर्याप्त आधार नहीं है।
आवास के लिए निकासी एक बार की सुविधा है। यदि सदस्य के पास अकेले या जीवनसाथी के साथ संयुक्त नाम में पहले से आवासीय घर या फ्लैट है, तो इस प्रयोजन से सामान्यतः निकासी नहीं मिलेगी; पैतृक संपत्ति इस रोक से अलग रखी गई है। प्रस्तावित संपत्ति किसके नाम होगी और मौजूदा स्वामित्व क्या है, यह आवेदन से पहले जांचें।
दिसंबर 2025 के संशोधन ने चिकित्सा आधार को गंभीर रोगों की पुरानी निश्चित सूची से बदलकर पात्र परिजनों के चिकित्सा उपचार या अस्पताल में भर्ती तक विस्तृत किया। कौशल-विकास, पुनः कौशल अर्जन, स्व-विकास, अपना उद्यम और स्टार्टअप स्थापित करने वाले पुराने आधार हटा दिए गए। पुराने आवेदन-पत्र या प्रश्नोत्तर में ये विकल्प दिखाई दें तो उन्हें वर्तमान पात्रता न मानें।
अपनी संभावित निकासी कैसे निकालें
पहले आवेदन की तारीख तक Tier I में अपने नाम से किए गए योगदान का योग निकालें। नियोक्ता की जमा और निवेश प्रतिफल अलग रखें। अपने पात्र योगदान को 0.25 से गुणा करने पर नियामकीय ऊपरी सीमा मिलेगी; मांगी गई रकम पात्र खर्च और खाते में उपलब्ध स्वीकार्य राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- लेनदेन विवरण में सदस्य और नियोक्ता की योगदान प्रविष्टियां अलग करें।
- संभावित आवेदन तारीख तक केवल अपने योगदान का योग निकालें।
- NPS में शामिल होने और पिछली निकासियों की तारीखें जांचें।
- अपने योगदान का 25% निकालकर उसे पात्र खर्च से मिलाएं।
- कारण, रकम, पहचान और बैंक विवरण से जुड़े आवश्यक प्रमाण तैयार करें।
मान लें कि आपका अपना योगदान INR 8,40,000 है और पात्र चिकित्सा खर्च INR 2,60,000 है। 25% सीमा INR 2,10,000 बनेगी, इसलिए इस गणना के आधार पर इससे अधिक दावा नहीं किया जा सकता। यदि पात्र खर्च केवल INR 1,20,000 है, तो गणितीय सीमा अधिक होने के बावजूद खर्च से जुड़ा दावा उसी वास्तविक जरूरत तक सीमित रखना चाहिए।
दूसरी या बाद की निकासी में शुरुआती योगदान पर फिर से 25% लगाकर पूरी रकम का स्वतः दावा न करें। पिछली निकासी, उसके बाद जमा हुआ योगदान और आवेदन व्यवस्था में दिखाई जा रही पात्र रकम को साथ देखें। समय-अंतर पूरा होना किसी खास रकम की स्वीकृति की गारंटी नहीं है।
Tier I और Tier II के लिए अलग निर्णय लें

Tier I से आंशिक निकासी सेवानिवृत्ति बचत के लिए सीमित अपवाद है। इसीलिए उस पर तीन वर्ष की सदस्यता, निर्धारित कारण, 25% सीमा और निकासियों के बीच न्यूनतम अंतर लागू होते हैं। सामान्य सक्रिय Tier II खाता अधिक तरल है: पर्याप्त शेष और लागू शुल्क के लिए रकम बची हो तो उससे पूरी या आंशिक राशि निकाली जा सकती है और सामान्य निकासियों की संख्या सीमित नहीं है।
यदि आपके पास दोनों खाते हैं, तो पहले जरूरत की प्रकृति देखें। रोजमर्रा का खर्च या Tier I की पात्र सूची से बाहर की आवश्यकता उपलब्ध Tier II शेष से पूरी की जा सकती है। हालांकि Tier I की आंशिक निकासी वाली कर-छूट Tier II से मिली रकम पर स्वतः लागू नहीं होती; Tier II का कर-परिणाम निवेश की प्रकृति, आय और सदस्य की परिस्थितियों के अनुसार अलग जांचना होगा।
विशेष Tier II कर-बचत खाते को सामान्य Tier II न मानें, क्योंकि उसकी निर्धारित अवरोध अवधि पूरी होने से पहले निकासी नहीं की जा सकती। व्यक्तिगत पेंशन खाता बंद होने पर उससे जुड़ा Tier II खाता भी बंद होता है और शेष रकम दिए गए बैंक खाते में भेजी जाती है; कर-बचत खाते पर उसकी अवरोध अवधि लागू रहती है।
आवेदन और बैंक विवरण में क्या जांचें
निकासी दावा NPS Trust, केंद्रीय अभिलेख-रखरखाव अभिकरण या PFRDA से अधिकृत मध्यस्थ के माध्यम से संसाधित हो सकता है। बैंक विवरण के साथ Aadhaar या PAN का विवरण अथवा प्रति देनी होती है। भुगतान आवेदन में दिए सदस्य या पात्र दावेदार के बैंक खाते में केवल इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण से किया जाता है।
नाम, बैंक खाता संख्या, शाखा संकेतक, मोबाइल नंबर और ईमेल का खाता-अभिलेख से मिलान करें। पात्र कारण के अनुसार शिक्षा या शुल्क अभिलेख, विवाह संबंधी दस्तावेज, संपत्ति के कागज, चिकित्सा अभिलेख या दिव्यांगता प्रमाण तैयार रखने पड़ सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज सदस्य की श्रेणी और उपलब्ध आवेदन माध्यम के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए दावा भेजने से पहले उसी आवेदन व्यवस्था में दिखाई गई चेकलिस्ट पढ़ें।
आवेदन से पहले चार बातें एक साथ मिलनी चाहिए: तीन वर्ष की सदस्यता पूरी हो, रकम अपने पात्र योगदान की 25% सीमा में हो, कारण वर्तमान सूची से मेल खाए और पिछली निकासी के बाद आवश्यक अंतर बीत चुका हो। किसी अन्य व्यक्ति का बैंक खाता न दें, क्योंकि भुगतान सदस्य या पात्र दावेदार के दिए खाते में होना है।
कर-मुक्त रकम का हिसाब
आयकर विभाग की NPS कर-व्याख्या कर्मचारी की आंशिक निकासी को कर्मचारी द्वारा किए गए योगदान की 25% सीमा तक कर-मुक्त बताती है। नाबालिग के NPS खाते में माता-पिता या अभिभावक के योगदान से हुई आंशिक निकासी भी ऐसे योगदान के 25% तक कर-मुक्त बताई गई है।
यह छूट पात्र आंशिक निकासी से मिली रकम के लिए है। इसे अंतिम निकास पर मिलने वाली एकमुश्त राशि, वार्षिकी आय या Tier II निकासी के कर-नियम से न मिलाएं। निकासी स्वीकृति, योगदान विवरण, बैंक प्रविष्टि और प्रयोजन से जुड़े अभिलेख सुरक्षित रखना उपयोगी है।
आयकर पृष्ठ कर्मचारी की आंशिक निकासी को स्पष्ट रूप से संबोधित करता है। इसलिए स्वरोजगार वाले सदस्य, असामान्य योगदान संरचना या Tier II निकासी पर कर्मचारी वाला निष्कर्ष बिना अलग जांच के लागू न करें। बड़ी रकम या विवादित वर्गीकरण की स्थिति में कर सलाहकार से संबंधित आयकर प्रावधान की पुष्टि कराना व्यावहारिक रहेगा।
दावा भेजने से पहले अपना निर्णय दर्ज करें
एक पन्ने पर चार सूचनाएं लिखें: NPS में शामिल होने की तारीख, अपना पात्र योगदान, पिछली निकासियों की तारीखें और पात्र खर्च की रकम। इसके बाद 25% सीमा निकालें, आवश्यक समय-अंतर जांचें और अपने कारण को वर्तमान विनियम की भाषा से मिलाएं। आवेदन व्यवस्था में पात्र रकम की पुष्टि होने के बाद ही पहचान और बैंक विवरण के साथ दावा भेजें।
यदि जरूरत पात्र सूची में नहीं है, पर्याप्त रकम केवल कुल खाता-मूल्य का 25% निकालने पर दिखती है या दो निकासियों के बीच आवश्यक समय पूरा नहीं हुआ, तो Tier I दावा रोकना उचित है। ऐसी स्थिति में उपलब्ध सामान्य Tier II शेष, दूसरी वैध वित्तीय व्यवस्था या अगली पात्र तारीख पर विचार करें।
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