BIRAC E-YUVA आवेदन खुले—31 अक्टूबर से पहले सही फेलोशिप चुनें

|लेखक: QUASA संपादकीय टीम|6 मिनट पढ़ने का समय
BIRAC E-YUVA आवेदन खुले—31 अक्टूबर से पहले सही फेलोशिप चुनें

BIRAC की E-YUVA राष्ट्रीय कॉल 1 अक्टूबर 2026 को खुली और आवेदन की अंतिम समयसीमा 31 अक्टूबर 2026 शाम 5:30 बजे है। इस कॉल में पढ़ाई कर रहे स्नातक विद्यार्थियों के लिए E-YUVA फेलोशिप और स्नातकोत्तर या पीएचडी पूरी कर चुके आवेदकों के लिए इनोवेशन फेलोशिप शामिल हैं। पहला मार्ग विद्यार्थी दल के लिए है; दूसरे में व्यक्ति स्वतंत्र आवेदक के रूप में प्रस्ताव देता है। इसलिए फॉर्म शुरू करने से पहले अपनी मौजूदा शैक्षिक स्थिति तय करना आवेदन का सबसे जरूरी निर्णय है।

दोनों मार्ग जैव-प्रौद्योगिकी से जुड़ी ऐसी परियोजनाओं के लिए हैं जो किसी वास्तविक जरूरत से निकलती हों और उपयोगी तकनीक या उत्पाद तक बढ़ सकें। पात्रता का फर्क केवल डिग्री के नाम तक सीमित नहीं है: स्नातक दल को मार्गदर्शक और संस्थागत सहयोग चाहिए, जबकि इनोवेशन फेलो को चयन के बाद E-YUVA केंद्र में पूर्णकालिक काम करना होगा। कॉल में दोनों श्रेणियां दर्ज हैं; आवेदक को पोर्टल पर अपनी श्रेणी का फॉर्म चुनना और उसी में मांगी गई जानकारी भरनी है।

स्नातक दल और डिग्री धारक के रास्ते अलग हैं

स्नातक की पढ़ाई कर रहे भारतीय विद्यार्थी E-YUVA फेलोशिप के लिए दल बनाकर आवेदन करते हैं। मौजूदा कॉल में दल का आकार तीन से पांच विद्यार्थियों का है और सदस्य एक ही संस्थान या अलग-अलग संस्थानों से हो सकते हैं। विषयों का अलग होना बाधा नहीं है, बशर्ते साझा प्रस्ताव जैव-प्रौद्योगिकी से जुड़ी तकनीक या उत्पाद की दिशा दिखाए। दल के साथ एक मार्गदर्शक होना चाहिए, इसलिए परियोजना तय करते समय उसकी भूमिका और उपलब्धता भी स्पष्ट करनी होगी।

स्नातकोत्तर डिग्री या पीएचडी पूरी कर चुके भारतीय आवेदकों के लिए इनोवेशन फेलोशिप है। BioTecNika के पात्रता विवरण में स्नातकोत्तर डिग्री पूरी होने के तीन वर्ष और पीएचडी पूरी होने के दो वर्ष के भीतर आवेदन की शर्त दी गई है; महिला आवेदकों को इन अवधि सीमाओं से छूट बताई गई है। इस मार्ग में चुने गए व्यक्ति को E-YUVA केंद्र में पूर्णकालिक काम करना होता है। अभी स्नातकोत्तर या पीएचडी कर रहे विद्यार्थी इस श्रेणी के पात्र नहीं हैं; उनके लिए डिग्री पूरी होने और आवेदन करने के बीच का समय मायने रखता है।

इन दोनों श्रेणियों के शोध का स्थान भी अलग है। स्नातक दल अपना मुख्य काम अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में कर सकता है और जरूरत के अनुसार E-YUVA केंद्र तथा उससे जुड़े जैव-इनक्यूबेटर की सुविधाएं पा सकता है। इनोवेशन फेलो का काम केंद्र से जुड़ा पूर्णकालिक कार्य है और उसके प्रस्ताव में ऐसी तकनीक विकसित करने की संभावना होनी चाहिए जिसे आगे उपयोग या उद्यम तक ले जाया जा सके। कृषि, स्वास्थ्य, निदान, जैव-सूचना विज्ञान और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों के विचार आ सकते हैं, लेकिन विषय का नाम भर प्रस्ताव की उपयोगिता नहीं समझाता।

संस्थागत सहयोग और प्रस्ताव में क्या तैयार रखें

स्नातक दल के लिए मार्गदर्शक तथा संस्थान की नवाचार सहायता व्यवस्था पहले तय करना उपयोगी है। पुराने कार्यक्रम दिशानिर्देशों में आवेदन को कॉलेज या संस्थान के उद्यमिता प्रकोष्ठ के रास्ते भेजने की शर्त है; अलग संस्थानों के सदस्यों वाले दल में प्रत्येक सदस्य के संस्थान के पास उद्यमिता प्रकोष्ठ, संस्थागत नवाचार परिषद या इनक्यूबेशन केंद्र होना चाहिए। दल को यह स्पष्ट रखना होगा कि परियोजना का काम कहां होगा, मार्गदर्शक किस संस्थान से जुड़े हैं और सदस्य किस तरह एक ही प्रस्ताव पर काम करेंगे।

आवेदन के लिए शिक्षा और संस्थान का विवरण, हल की जाने वाली समस्या, प्रस्तावित समाधान और जरूरी मार्गदर्शन की जानकारी जुटाएं। SKUAST-K के E-YUVA केंद्र के कार्यक्रम विवरण में भी यही शुरुआती जानकारी तैयार रखने को कहा गया है; उसके स्थानीय विचार पंजीकरण को राष्ट्रीय फेलोशिप आवेदन या चयन नहीं माना गया है। किस प्रमाण, घोषणा या प्राधिकरण पत्र को किस प्रारूप में अपलोड करना है, यह सक्रिय BIRAC फॉर्म और उससे जुड़े निर्देश देखकर तय करें। केवल स्थानीय केंद्र में विचार दर्ज कर देना राष्ट्रीय आवेदन पूरा नहीं करता।

प्रस्ताव में समस्या को सामान्य महत्वाकांक्षा की तरह लिखने के बजाय बताएं कि उसका सामना कौन करता है और मौजूदा तरीके में क्या कमी है। फिर प्रस्तावित जैविक या तकनीकी उपाय, उसकी शुरुआती जांच का तरीका और अपेक्षित परिणाम को जोड़ें। स्नातक दल के लिए इससे मार्गदर्शक की भूमिका और प्रयोगशाला की जरूरत स्पष्ट होगी। इनोवेशन फेलो के लिए यही विवरण यह समझाने में मदद करेगा कि पूरी हो चुकी पढ़ाई या शोध से निकला विचार उपयोगी तकनीक की ओर कैसे बढ़ सकता है।

पुरानी सहायता राशि को मौजूदा प्रस्ताव का वादा न मानें

SKUAST-K के कार्यक्रम विवरण में स्नातक दल के लिए वार्षिक शोध अनुदान का संदर्भ ₹2.5 लाख, स्नातकोत्तर इनोवेशन फेलो के लिए ₹3 लाख और पीएचडी पूरी कर चुके फेलो के लिए ₹5 लाख है। उसी विवरण में इन्हें जनवरी 2022 के BIRAC दिशानिर्देशों के आंकड़े कहा गया है। ₹5 लाख वाली राशि विशेष रूप से पीएचडी पूरी कर चुके फेलो के शोध अनुदान का पुराना संदर्भ है; इसे हर आवेदक या वर्तमान कॉल के लिए निश्चित सहायता समझना गलत होगा।

व्यक्तिगत फेलोशिप भुगतान और परियोजना के शोध अनुदान का उद्देश्य अलग है। पुराने विवरण में स्नातक विद्यार्थियों के लिए प्रति विद्यार्थी आवधिक भुगतान, जबकि उच्च डिग्री वाले फेलो के लिए मासिक भुगतान दर्ज है। परियोजना बजट बनाते समय अपनी श्रेणी के खर्च और सहायता की मौजूदा शर्तें आवेदन फॉर्म से मिलाएं। पुराने आंकड़े योजना का आकार समझने में मदद कर सकते हैं, लेकिन मौजूदा कॉल में देय रकम और भुगतान का आधार उसके लागू दस्तावेज होंगे।

जमा करने से पहले आवेदन का क्रम

पहले यह निश्चित करें कि आप अभी स्नातक की पढ़ाई में हैं या स्नातकोत्तर अथवा पीएचडी पूरी कर चुके हैं। स्नातक दल सदस्य, मार्गदर्शक और संस्थागत सहयोग की जानकारी एक साथ तैयार करे; डिग्री धारक अपनी डिग्री पूरी होने की स्थिति और केंद्र में पूर्णकालिक काम की शर्त मिलाए। इसके बाद परियोजना की समस्या, समाधान, शुरुआती शोध योजना और मांगे गए शैक्षिक विवरण को अपनी श्रेणी के ऑनलाइन फॉर्म में भरें। दल की ओर से एक सदस्य खाता बना सकता है, लेकिन जमा होने वाला प्रस्ताव पूरे दल का होना चाहिए।

फॉर्म जमा होना चयन नहीं है। आवेदन के बाद पात्रता की जांच और प्रस्ताव का तकनीकी मूल्यांकन होता है; चुने गए आवेदकों को अपना विचार विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करना पड़ सकता है। इस कारण प्रस्ताव में समस्या और प्रस्तावित प्रयोग का संबंध इतना साफ होना चाहिए कि मूल्यांकन के समय दल या आवेदक उसे समझा सके। अगला निश्चित पड़ाव आवेदन बंद होने का समय है: अधूरा संस्थागत विवरण या अस्पष्ट प्रस्ताव ठीक करने के लिए अंतिम शाम पर निर्भर रहना आवेदक के अपने उपलब्ध समय को घटाता है।

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