
AI प्रतिभा शहरों में फैल रही, पर 87% नौकरियाँ दस महानगरों में अटकीं

भारत में AI और मशीन लर्निंग के पेशेवर नए शहरों में बढ़ रहे हैं, लेकिन नौकरी विज्ञापनों का भूगोल अब भी सिमटा हुआ है। PeopleLogic ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित निष्कर्षों में बताया कि उसके अध्ययन के दस महानगरीय क्षेत्रों में 62% प्रतिभा और 87% नौकरी विज्ञापन केंद्रित हैं। बेंगलुरु में सबसे अधिक विज्ञापन हैं; उभरते शहरों में पेशेवरों की बढ़ती मौजूदगी वहाँ उसी अनुपात में स्थानीय रिक्तियाँ होने का संकेत नहीं है।
इस भौगोलिक तस्वीर को कंपनियों के करियर पन्नों से तैयार HireHire की अक्टूबर 2026 की सूची भी दिखाती है: उसमें 1,232 सक्रिय AI, मशीन लर्निंग और डेटा विज्ञान पद थे, जिनमें कार्यालय आधारित पदों का 36% बेंगलुरु में और पूरी सूची का 17% दूरस्थ था। इस अलग नमूने में हैदराबाद और पुणे भी प्रमुख कार्यालय केंद्र हैं। छोटे शहर के आवेदक के लिए सवाल केवल यह नहीं है कि प्रतिभा कहाँ बढ़ रही है, बल्कि यह भी है कि उसके कौशल और उपस्थिति की शर्त वाला पद कहाँ खुला है।
बेंगलुरु के बाद विज्ञापन किन शहरों में हैं
स्थान के हिसाब से बेंगलुरु की बढ़त सबसे स्पष्ट है। PeopleLogic की शहरवार तालिका में उसके पास 35.4% विज्ञापन हैं; मुंबई महानगरीय क्षेत्र में 10.8%, हैदराबाद में 10.4% और पुणे में 8.9% दर्ज हैं। तालिका में चेन्नई, दिल्ली, नोएडा और कोलकाता भी आते हैं। दिल्ली और नोएडा अलग इकाइयाँ हैं, इसलिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी पदों को केवल दिल्ली के नाम से खोजना तस्वीर अधूरी कर सकता है।
ये हिस्सेदारियाँ नौकरी विज्ञापनों की हैं, नियुक्त हुए लोगों की नहीं। बेंगलुरु का बड़ा हिस्सा यह बताता है कि विज्ञापन वहाँ अधिक मिलते हैं; इससे किसी खास उम्मीदवार की चयन संभावना अपने आप नहीं निकलती। मुंबई महानगरीय क्षेत्र और पुणे को एक साथ पश्चिम भारत कह देना भी खोज के लिहाज से पर्याप्त नहीं है, क्योंकि पद किसी खास कार्यालय से जुड़ा हो सकता है। शहरवार आँकड़ों का अर्थ भूमिका और कार्यस्थल के साथ पढ़ने पर ही स्पष्ट होता है।
दोनों गणनाओं का आधार अलग है। PeopleLogic व्यापक AI और उससे जुड़े पेशेवरों की उपलब्धता की तुलना नौकरी विज्ञापनों से करता है। HireHire कंपनियों के करियर पन्नों पर मौजूद उन पदों को गिनता है जिनके शीर्षक AI, मशीन लर्निंग, डेटा विज्ञान, जनरेटिव AI या स्वचालन से मेल खाते हैं; उसका शहर प्रतिशत कार्यालय आधारित पदों का है। इसलिए बेंगलुरु की दोनों हिस्सेदारियों को एक ही कुल बाजार के दो अनुमान नहीं मानना चाहिए।
उभरते शहरों में प्रतिभा बढ़ी, स्थानीय विज्ञापन कम हैं
कोयंबटूर इस अंतर को साफ दिखाता है। वहाँ AI और मशीन लर्निंग प्रतिभा तेजी से बढ़ी है, लेकिन राष्ट्रीय नौकरी विज्ञापनों में शहर का हिस्सा छोटा है। पटना, भोपाल, भुवनेश्वर और लखनऊ में भी प्रतिभा समूह बढ़ रहे हैं। स्थानीय पेशेवरों की संख्या बढ़ना उसी गति से स्थानीय रिक्तियाँ खुलने का प्रमाण नहीं देता; पेशेवर का निवास और नौकरी का घोषित कार्यस्थल अलग शहरों में हो सकता है।
बेंगलुरु की ओर दूसरे भारतीय केंद्रों से पेशेवरों का प्रवाह भी इस अंतर को समझाता है। हैदराबाद दूसरे शहरों से प्रतिभा खींचता है, लेकिन बेंगलुरु की ओर प्रतिभा खोता है। बड़े केंद्रों के बीच आवाजाही जारी है, जबकि उभरते शहरों में कौशल का आधार मजबूत हो रहा है। छोटे शहर के निवासी के लिए बढ़ता स्थानीय प्रतिभा समूह उपयोगी संदर्भ है, मगर उपलब्ध नौकरी का स्थान फिर भी विज्ञापन में घोषित शहर से तय होता है।
दूरस्थ पद हैं, हाइब्रिड पदों से शहर की शर्त नहीं हटती
दूरस्थ विकल्प मौजूद हैं, पर सूची में कार्यालय और हाइब्रिड पद अधिक हैं। हाइब्रिड पद के लिए बेंगलुरु या हैदराबाद लिखा है तो घर से कुछ दिन काम करने की सुविधा नियमित कार्यालय उपस्थिति के साथ जुड़ी हो सकती है। स्थान के रूप में केवल भारत लिखा होना भी अपने आप पूर्ण दूरस्थ व्यवस्था नहीं बताता। इसीलिए समान भूमिका वाले दो विज्ञापनों की भौगोलिक पहुँच अलग हो सकती है।
छोटे शहर से नौकरी खोजने वाले व्यक्ति के लिए यह अंतर आवेदन की व्यवहार्यता तय करता है। स्थानांतरण संभव हो तो प्रमुख शहरों के कार्यालय आधारित पद उसके दायरे में आ सकते हैं; नियमित यात्रा संभव हो तो पास के महानगर के हाइब्रिड पद प्रासंगिक हो सकते हैं। घर से ही काम करना जरूरी है तो दायरा उन विज्ञापनों तक सिमटता है जिनमें दूरस्थ व्यवस्था स्पष्ट लिखी है। यहाँ सीमा उम्मीदवार के कौशल के साथ पद की उपस्थिति शर्त भी तय करती है।
शहर के साथ भूमिका का काम भी बदलता है
खोज में और शहर जोड़ने से हर AI पद उपयुक्त नहीं हो जाता। उपलब्ध सूची में डेटा इंजीनियर, AI इंजीनियर, डेटा वैज्ञानिक और मशीन लर्निंग इंजीनियर अलग भूमिका समूह हैं। डेटा इंजीनियर का काम डेटा को उपयोग योग्य रूप में पहुँचाने पर केंद्रित हो सकता है, जबकि मॉडल बनाने या उसे उत्पाद में लगाने वाले पद अलग अनुभव माँगते हैं। विज्ञापन में AI लिखा होना इन जिम्मेदारियों को एक जैसा नहीं बना देता।
भर्ती के इस चित्र में लागू AI के साथ डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड और मूल प्रोग्रामिंग का मेल उभरता है। केवल मशीन लर्निंग का सामान्य पदनाम खोजने वाले व्यक्ति से डेटा व्यवस्था या उत्पाद में मॉडल लगाने का काम छूट सकता है। दूसरी ओर, किसी पद में जनरेटिव AI लिखा होने से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि उसमें शोध आधारित मॉडल निर्माण ही करना होगा। छोटे शहर के आवेदक के लिए अवसर की वास्तविक पहुँच पद की जिम्मेदारियाँ, घोषित शहर और उपस्थिति की शर्त मिलकर तय करती हैं।
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