WhatsApp में छह अंकों का PIN हटेगा—अब पूरा पासवर्ड बनाना होगा

WhatsApp ने 25 अगस्त 2026 को नई खाता-सुरक्षा सुविधाएँ पेश करने की घोषणा की। छह अंकों के दो-चरणीय सत्यापन PIN को लंबे पासवर्ड में बदला जा रहा है, एक खाते में एक से अधिक पासकी जोड़ी जा सकेगी और Android पर अनजान कॉल के साथ अतिरिक्त जानकारी दिखाई देगी। TechCrunch की स्वतंत्र रिपोर्ट इन सुविधाओं को शुरू किए जाने और 25 अगस्त की घोषणा की पुष्टि करती है।
तीनों बदलावों की भूमिका अलग है। नया पासवर्ड उस अतिरिक्त जाँच को मजबूत करता है जो अभी छह अंकों के PIN पर निर्भर थी; पासकी उपकरण की पहचान प्रणाली से दोबारा प्रवेश सत्यापित करती है; Android का कॉल-संदर्भ फोन उठाने से पहले अनजान कॉलर के बारे में सीमित जानकारी देता है। एकमुश्त पंजीकरण कोड समाप्त करने की घोषणा नहीं हुई है।
छह अंकों के PIN की जगह क्या बदलेगा
WhatsApp का दो-चरणीय सत्यापन वैकल्पिक अतिरिक्त सुरक्षा परत है। यदि किसी दूसरे व्यक्ति को खाते का एकमुश्त पंजीकरण कोड मिल भी जाए, तो यह उससे अलग रहस्य माँगकर खाते पर कब्जे की कोशिश रोकने में मदद करता है। अभी यह रहस्य छह अंकों का PIN है; नया प्रारूप लंबा पासवर्ड होगा, जिसमें अक्षर, अंक और विशेष चिह्न रखे जा सकेंगे।
WhatsApp सहायता केंद्र भी छह अंकों के PIN को पासवर्ड में उन्नत किए जाने की पुष्टि करता है और बताता है कि उपयोगकर्ता दो-चरणीय सत्यापन चालू या बंद करने, पासवर्ड बदलने, ईमेल पता अद्यतन करने और भरोसेमंद उपकरण देखने के विकल्प पाएँगे। संबंधित नियंत्रण WhatsApp में सेटिंग्स > अकाउंट > टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन के अंतर्गत मिलता है।
यह पासवर्ड फोन के स्क्रीन लॉक, चैट लॉक या कूटबद्ध बैकअप के पासवर्ड को अपने आप नहीं बदलेगा। घोषणा में पासवर्ड की कोई निश्चित न्यूनतम लंबाई या भारत के लिए अलग उपलब्धता तिथि नहीं दी गई है। जिन खातों में नया विकल्प अभी नहीं दिखता, उन्हें ऐप में दिखाई देने वाली सुविधा और शर्तों की प्रतीक्षा करनी होगी।
नया पासवर्ड चुनते समय छोटी जाँच-सूची

लंबा पासवर्ड तभी उपयोगी होगा जब वह आसानी से अनुमान न लगाया जा सके और किसी दूसरे खाते में दोबारा इस्तेमाल न हो। WhatsApp ने सार्वजनिक घोषणा में अनिवार्य लंबाई नहीं बताई है, इसलिए ऐप में दिखाई देने वाली शर्तें ही लागू मानक होंगी।
- नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और लगातार अंकों जैसे अनुमान योग्य रूप से बचें।
- अक्षरों, अंकों और उपलब्ध विशेष चिह्नों का अलग मेल बनाएँ; किसी अन्य सेवा वाला पासवर्ड न दोहराएँ।
- पासवर्ड और पंजीकरण कोड किसी संदेश, कॉल या सहायता प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले व्यक्ति को न दें।
- पुनर्प्राप्ति के लिए जुड़ा ईमेल पता सही और आपके नियंत्रण में है या नहीं, यह दो-चरणीय सत्यापन सेटिंग में जाँचें।
ये सुरक्षित पासवर्ड चुनने की सामान्य संपादकीय सिफारिशें हैं, WhatsApp की घोषित न्यूनतम नीति नहीं। अंतिम आवश्यकताएँ वही होंगी जो सुविधा उपलब्ध होने पर ऐप दिखाएगा।
एक खाते में कई पासकी क्यों उपयोगी हैं

पासकी याद करके टाइप किया जाने वाला पासवर्ड नहीं है। यह WhatsApp खाते को उपकरण की सुरक्षा प्रणाली से जोड़ती है और अंगुली के निशान, Face ID या स्क्रीन लॉक के जरिए पहचान जाँचकर खाते में दोबारा प्रवेश करा सकती है।
Meta की आधिकारिक घोषणा के अनुसार एक अरब से अधिक लोगों ने WhatsApp पासकी स्थापित की है और अब Android तथा iOS, दोनों इस्तेमाल करने वाले लोग एक खाते में एक से अधिक पासकी जोड़ सकेंगे। विकल्प सेटिंग्स > अकाउंट > पासकी में मिलेगा। Android और iPhone पर इसे बनाने या हटाने का अंतर WhatsApp पासकी की प्रक्रिया में विस्तार से समझाया गया है।
पासकी और दो-चरणीय पासवर्ड एक-दूसरे के विकल्प नहीं हैं। पासकी समर्थित उपकरण और उसकी पहचान प्रणाली के सहारे प्रवेश सत्यापित करती है, जबकि दो-चरणीय पासवर्ड पंजीकरण के दौरान अतिरिक्त खाता-जाँच देता है। फोन नंबर की पुष्टि से जुड़ा एकमुश्त कोड भी अलग भूमिका निभाता है।
अनजान WhatsApp कॉल पर Android को अधिक संदर्भ

तीसरा बदलाव खाते में प्रवेश के बजाय कॉल उठाने से पहले निर्णय लेने में मदद करता है। Android पर संपर्क सूची में सहेजे नहीं गए नंबर से WhatsApp कॉल आने पर यह जानकारी दिखाई दे सकती है कि नंबर किसी दूसरे देश का है और कॉलर के साथ कोई साझा समूह है या नहीं।
ये संकेत केवल संदर्भ देते हैं। साझा समूह किसी कॉलर के विश्वसनीय होने का प्रमाण नहीं है और दूसरे देश का नंबर अपने आप धोखाधड़ी सिद्ध नहीं करता। इसी तरह यह सुविधा अनजान कॉल को स्वतः बंद नहीं करती; उसका घोषित काम उत्तर देने से पहले सीमित अतिरिक्त जानकारी दिखाना है।
अतिरिक्त कॉल-संदर्भ फिलहाल Android के लिए घोषित हुआ है। iOS के लिए कोई तारीख नहीं बताई गई है, इसलिए iPhone पर उसी सुविधा की उपलब्धता मान लेना उचित नहीं होगा।
PIN, पासवर्ड और पासकी का सीधा अंतर
- छह अंकों का PIN: WhatsApp के वैकल्पिक दो-चरणीय सत्यापन में इस्तेमाल होने वाला संख्यात्मक रहस्य, जिसे अब पूर्ण पासवर्ड में बदला जा रहा है।
- नया पासवर्ड: अक्षर, अंक और विशेष चिह्न स्वीकार करने वाली लंबी अतिरिक्त सुरक्षा जाँच, जिसे उपयोगकर्ता बनाता है।
- पासकी: उपकरण की सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी प्रवेश-विधि, जिसमें अंगुली का निशान, चेहरा या स्क्रीन लॉक इस्तेमाल हो सकता है। अब एक खाते में एक से अधिक पासकी रखी जा सकेंगी।
- एकमुश्त कोड: फोन नंबर के पंजीकरण से जुड़ा अस्थायी कोड। नया पासवर्ड इसे समाप्त नहीं करता, बल्कि इसके बाद अलग जाँच जोड़ता है।
अभी पुष्टि इतनी है कि WhatsApp इन तीनों सुविधाओं को शुरू कर रहा है: दो-चरणीय PIN से पासवर्ड की ओर बदलाव, एक खाते में कई पासकी और Android पर अनजान कॉल का अतिरिक्त संदर्भ। भारत में प्रत्येक खाते तक पहुँचने की अलग समय-सारणी और iOS पर कॉल-संदर्भ की तारीख घोषित नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें:
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें
Web3, AI और क्रिप्टो की नवीनतम खबरें सीधे अपने इनबॉक्स में पाएँ।