
Origin को $20 मिलियन—दीवारों से शुरू रोबोट की असली परीक्षा

सैन फ्रांसिस्को की Origin ने 15 अक्टूबर 2026 की घोषणा में बताया कि वह Accel और Zacua Ventures के सह-नेतृत्व वाले कुल $20 मिलियन निवेश के साथ गोपनीय अवस्था से बाहर आई है। रकम मुख्यतः उसके OG-1 रोबोट की तैनाती और रोबोटों की संख्या बढ़ाने में जाएगी। कंपनी अमेरिकी और यूरोपीय ग्राहकों के साथ बड़े परीक्षणों की भी तैयारी कर रही है।
OG-1 का मौजूदा काम इमारत का पूरा अंदरूनी निर्माण नहीं, दीवारों की फिनिशिंग है: वह मिश्रण लगाता है, सतह घिसता है और प्राइमर चढ़ाता है। शुरुआती रोबोट न्यूयॉर्क के सक्रिय निर्माण स्थलों तक पहुँच चुके हैं। इससे प्रयोगशाला के बाहर काम शुरू होने का पता चलता है, लेकिन लगातार काम करने की लागत और तैयार सतह की गुणवत्ता पर स्वतंत्र आँकड़े अभी प्रकाशित नहीं हुए हैं।
निवेश और संस्थापकों का भारतीय संबंध
सह-निवेशक Zacua Ventures ने योगेश घटुरले, तुषार मक्कड़ और आशीष डागा को Origin के संस्थापकों के रूप में नामित किया है और बताया है कि संस्थापना के दस महीने के भीतर उनके रोबोट न्यूयॉर्क के सक्रिय स्थलों पर पहुँच गए थे। योगेश ने पहले भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कारोबारियों के लिए Perpule बनाई थी, जिसे Amazon ने 2021 में खरीदा। Origin का मुख्यालय अमेरिका में है; भारतीय संबंध को भारत में रोबोट की उपलब्धता समझना जल्दबाज़ी होगी।
योगेश कंपनी के मुख्य कार्यकारी हैं, तुषार स्वायत्त प्रणाली का काम देखते हैं और आशीष हार्डवेयर का नेतृत्व करते हैं। निवेश में Unilazer Ventures, Schema Ventures, Z21, ISAI और Imad Ventures भी शामिल हैं। घोषित $20 मिलियन कंपनी को मिला कुल निवेश है; घोषणा अलग से यह नहीं बताती कि इसी तारीख को बंद हुए किसी एक दौर में पूरी राशि आई थी।
पूँजी का निकट उद्देश्य मौजूदा मशीन को अधिक ग्राहक स्थलों तक ले जाना है। Origin ने अमेरिका के बड़े दीवार-फिनिशिंग ठेकेदारों के साथ परीक्षण तथा जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस और सऊदी अरब में अतिरिक्त परीक्षणों की योजना रखी है। नियोजित परीक्षण और नियमित ग्राहक तैनाती अलग अवस्थाएँ हैं: इन देशों के नाम विस्तार की योजना बताते हैं, वहाँ स्थायी सेवा शुरू होने का प्रमाण नहीं।
OG-1 दीवार पर क्या करता है
दीवार फिनिशिंग में एक ही सतह पर कई क्रमिक काम होते हैं। मिश्रण लगाने के बाद उसे घिसकर समतल करना पड़ता है और फिर प्राइमर चढ़ता है; कोने, किनारे और ऊँचे हिस्से औज़ार की दिशा और दबाव बदलने को मजबूर करते हैं। OG-1 का चलने वाला आधार और रोबोटिक भुजा इसी क्रम के लिए अलग औज़ार इस्तेमाल करते हैं। यह सीमित काम है, लेकिन बदलती निर्माण-स्थल की परिस्थितियों में इसे बार-बार समान गुणवत्ता से करना कठिन हो सकता है।
मशीन तीन पहियों वाले आधार पर चलती है और लगभग 14 फुट तक ऊँची सतह पर काम कर सकती है। घिसाई के दौरान दीवार पर दबाव बनाए रखने के लिए उसकी नियंत्रण प्रणाली प्रतिक्रिया के आधार पर भुजा को समायोजित करती है। इसकी उपयोगिता केवल उस समय पर निर्भर नहीं करेगी जब औज़ार दीवार को छू रहा हो: कमरे में पहुँचना, सही सतह पहचानना, औज़ार बदलना और अगला कार्यक्षेत्र पकड़ना भी पूरी पारी का हिस्सा हैं।
स्थल पर कर्मचारी की भूमिका बनी रहती है। जगह की रूपरेखा और कार्यक्षेत्र तय करना, सामग्री पहुँचाना, औज़ार बदलना तथा रखरखाव करना मानव दल के काम हैं; तैयारी के बाद रोबोट चुने गए क्षेत्र में स्वयं काम करता है। इसलिए ‘स्वायत्त’ का अर्थ यह है कि दीवार पर उसका तय काम अपने नियंत्रण से चलता है, यह नहीं कि पूरी पारी किसी कर्मचारी की मदद के बिना पूरी होती है।
गति के दावों को कैसे समझें
Forbes से बातचीत में योगेश घटुरले ने मानव दल के मुकाबले तीन गुना काम का दावा किया और स्पष्ट किया कि कंपनी की गणना पूरी पारी की है, जिसमें कर्मचारी की तैयारी, औज़ार बदलना, सामग्री भरना और दिन के अंत का रखरखाव शामिल है। यह कंपनी की बताई तुलना है, प्रकाशित स्वतंत्र परीक्षण का परिणाम नहीं। उसमें मानव दल का आकार, अलग-अलग सतहों की कठिनाई और स्वीकार की गई तैयार सतह का तुलनीय ब्यौरा नहीं दिया गया।
इसके विपरीत, Accel के निवेश लेख में रोबोट के पाँच गुना तेज काम करने की बात है, पर उस संख्या के लिए काम की सीमा, समयावधि और गणना-पद्धति नहीं दी गई है। इसलिए उसे पूरी पारी वाले तीन गुना दावे का सीधा विकल्प मानना उचित नहीं होगा। दोनों बयान निवेशक या कंपनी पक्ष से आते हैं; ठेकेदार के लिए निर्णायक तुलना एक जैसी दीवारों पर पूरे काम का समय, मानवीय सहयोग और दोबारा सुधारने की जरूरत होगी।
Accel के विवरण के अनुसार रोबोट का मॉडल कृत्रिम रूप से तैयार निर्माण-स्थल के आँकड़ों और वास्तविक स्थलों के आँकड़ों से प्रशिक्षित है तथा मशीन ग्राहक स्थलों पर पहुँची है। प्रशिक्षण और तैनाती से पता चलता है कि प्रणाली को अधूरे कमरों, बदलते रास्तों और अलग सतहों के बीच चलाने का प्रयास हो रहा है। वे अपने आप में यह नहीं बताते कि लंबी अवधि में रुकावटें कितनी आती हैं या काम की गति हर स्थल पर समान रहती है।
मासिक शुल्क और भारत में उपलब्धता
Mint को दिए साक्षात्कार में घटुरले ने रोबोट को सेवा के रूप में देने का मॉडल, ग्राहकों के लिए $25,000 से $40,000 मासिक शुल्क और मानव दल की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत लागत बचने का दावा बताया। शुल्क एक बताई गई व्यावसायिक शर्त है; बचत कंपनी की गणना है। किसी स्थल पर वास्तविक खर्च मशीन के काम के घंटे, सहायक कर्मचारी के समय, सामग्री पहुँचाने, रखरखाव और दोबारा किए गए काम से तय होगा।
यहीं निवेश के बाद की व्यावसायिक परीक्षा है। मशीन पर्याप्त समय तक चलती रहे और उसकी तैयार दीवार बिना अधिक सुधार के स्वीकार हो, तो ठेकेदार को उसी दल से अधिक काम कराने की क्षमता मिल सकती है। बार-बार रास्ता खाली कराने, सामग्री भरने या सतह सुधारने की जरूरत पड़े, तो पूरा काम महँगा हो सकता है। अभी सार्वजनिक विवरण इन स्थितियों में प्रति स्वीकृत सतह की स्वतंत्र तुलना नहीं देते।
भारत के लिए संस्थापकों का पुराना कारोबार और Origin की मौजूदा बिक्री योजना अलग बातें हैं। कंपनी अभी अमेरिका और यूरोप के ग्राहक काम तथा नए परीक्षणों पर केंद्रित है; भारतीय निर्माण कंपनियों के लिए शुरुआत को कुछ वर्ष दूर बताया गया है। अगला ठोस संकेत नियोजित परीक्षणों से नियमित भुगतान वाले काम में बदलाव और उसके साथ पूरी पारी की उत्पादकता, रुकावटों तथा कुल लागत के तुलनीय आँकड़े होंगे।
यह भी पढ़ें:
संबंधित लेख


Generalist ने करीब 200 मिलियन USD और जुटाए—मूल्य 3 अरब USD बताया गया

Travis Kalanick की Atoms ने a16z की अगुवाई में $1.7 अरब जुटाए

Cloudflare के पीछे origin बचाएँ—साझा प्रमाणपत्र पूरी पहचान नहीं देता

समय-क्षेत्रों वाली टीम में बैठक कम करें—हर हैंडऑफ में ये पाँच बातें लिखें

‘Morning routine’ पर छह महीने में 4.5 लाख वीडियो—भीड़ में जगह कैसे बने
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें
Web3, AI और क्रिप्टो की नवीनतम खबरें सीधे अपने इनबॉक्स में पाएँ।