घर से काम वाले दिन उत्पादन बढ़ा—219 कर्मियों में ऊर्जा 33% कम डगमगाई

University of Iowa ने 2 सितंबर 2026 को एक अध्ययन के निष्कर्ष सार्वजनिक किए, जिसमें एक नियोक्ता के 219 हाइब्रिड कर्मचारियों के घर और कार्यालय वाले दिनों की तुलना हुई। विश्वविद्यालय के शोध-सारांश के अनुसार, घर से काम वाले दिनों में कर्मचारियों ने अपने दैनिक लक्ष्यों पर अधिक प्रगति की, उनकी गति अपेक्षा से तेज रही और ऊर्जा का उतार-चढ़ाव कार्यालय वाले दिनों से लगभग 33% कम था।
यह 33% अधिक कुल उत्पादन या 33% अधिक ऊर्जा का परिणाम नहीं है। यहां शीर्षक में “उत्पादन बढ़ा” कर्मचारियों की स्वयं दर्ज लक्ष्य-प्रगति को दर्शाता है; अध्ययन ने बिक्री, तैयार वस्तुओं, लिखे गए कोड या नियोक्ता के वित्तीय उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं मापी।
उत्पादकता का माप दैनिक लक्ष्य-प्रगति था
शोधकर्ताओं ने कर्मचारियों से यह दर्ज कराया कि वे उस दिन के कामकाजी लक्ष्यों पर कितनी प्रगति कर पाए और अपेक्षित गति के मुकाबले कितनी तेजी से आगे बढ़े। इसलिए परिणाम किसी साझा वस्तुनिष्ठ उत्पादन इकाई पर आधारित नहीं है। अलग भूमिकाओं के कर्मचारियों के अपने लक्ष्य अलग हो सकते थे।
तुलना दो स्थायी समूहों—एक घर से और दूसरा कार्यालय से काम करने वाला—के बीच भी नहीं थी। पहले से हाइब्रिड व्यवस्था में काम कर रहे उन्हीं कर्मचारियों के घर और कार्यस्थल वाले दिन देखे गए। इससे व्यक्तियों के बीच स्थायी अंतर का कुछ प्रभाव घटता है, लेकिन यह यादृच्छिक नियंत्रित प्रयोग नहीं बन जाता और यह साबित नहीं करता कि किसी भी कर्मचारी को घर भेजने से उसका प्रदर्शन अवश्य बढ़ेगा।
पांच दिनों में 4,812 घंटेवार आकलन लिए गए

Organization Science में प्रकाशित शोध-पत्र के मुताबिक, एक संगठन के 219 कर्मचारियों ने लगातार पांच कार्यदिवसों में ऊर्जा के 4,812 घंटेवार आकलन दर्ज किए। लेख 6 अगस्त 2026 को ऑनलाइन प्रकाशित हुआ था; उसके मॉडल में ऊर्जा-विविधता की एक अंक कमी 26% अधिक लक्ष्य-प्रगति और लक्ष्य की ओर बढ़ने की 31% अधिक गति से जुड़ी थी।
शोधकर्ताओं ने प्रत्येक दिन का औसत ऊर्जा स्तर और उस दिन घंटे-घंटे ऊर्जा में आए बदलाव को अलग मापा। यह भेद महत्वपूर्ण है: दो दिनों की औसत ऊर्जा समान हो सकती है, फिर भी एक दिन ऊर्जा लगभग स्थिर रहे और दूसरे दिन उसमें बार-बार बड़े उतार-चढ़ाव आएं। घर वाले दिनों का अंतर औसत स्तर में बढ़ोतरी नहीं, इसी डगमगाहट में कमी था।
विश्लेषण में घर पर बच्चों की मौजूदगी, कार्य-स्थान चुनने की सुविधा और उद्योग जैसे कारकों के लिए सांख्यिकीय नियंत्रण शामिल थे। ऐसे नियंत्रण ज्ञात अंतरों को समायोजित कर सकते हैं, पर उन सभी परिस्थितियों को समाप्त नहीं करते जो कर्मचारी के स्थान, ऊर्जा और लक्ष्य-प्रगति—तीनों को प्रभावित कर सकती हैं।
33% ऊर्जा की स्थिरता का आंकड़ा है, उत्पादन का नहीं

33% कम ऊर्जा-विविधता का अर्थ है कि घर वाले दिनों में घंटेवार ऊर्जा आकलनों के बीच उतार-चढ़ाव तुलनात्मक रूप से कम था। इसका अर्थ न एक-तिहाई अधिक ऊर्जा है, न हर कर्मचारी द्वारा एक-तिहाई अधिक काम पूरा करना। 26% और 31% भी अलग मॉडल-आधारित संबंध हैं; इन प्रतिशतों को आपस में गुणा करके वास्तविक उत्पादन निकालना सही नहीं होगा।
7 सितंबर की स्वतंत्र शोध-संक्षिप्त समीक्षा ने भी मुख्य भेद यही रखा कि परिणाम औसत ऊर्जा के बजाय ऊर्जा की परिवर्तनशीलता से जुड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों का सावधान अर्थ यह है कि इस नमूने में घर वाले दिन, अधिक स्थिर ऊर्जा और बेहतर स्वयं दर्ज लक्ष्य-प्रगति साथ मिले; इससे सभी वैकल्पिक कारण खारिज नहीं होते।
व्यवधान संभावित व्याख्या हैं, सार्वभौमिक नियम नहीं
शोधकर्ताओं की व्याख्या है कि घर पर लोगों को अपने कार्यक्रम और व्यवधानों पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है। कार्यालय में सहकर्मी का अचानक आना, आसपास का शोर या एक काम से दूसरे काम पर जाना ऊर्जा की लय तोड़ सकता है; घर के व्यवधान भी मौजूद रहते हैं, पर कुछ कर्मचारियों के लिए उन्हें टालना या उनकी समय-सारणी बदलना आसान हो सकता है।
यह व्याख्या हर घर को शांत और हर कार्यालय को बाधक नहीं बनाती। अध्ययन ने आमने-सामने सहयोग, नए कर्मचारी के प्रशिक्षण, टीम की रचनात्मकता, ज्ञान-साझेदारी या किसी सहकर्मी को तुरंत सहायता देने के लाभ नहीं मापे। किसी व्यक्ति के दैनिक लक्ष्य में आया व्यवधान कभी-कभी पूरी टीम के लिए उपयोगी भी हो सकता है।
घर से अधिक बार काम करने वाले कर्मचारियों में स्थान और लक्ष्य-प्रगति का संबंध अधिक मजबूत मिला। इसे लगातार अधिक घरेलू दिन जोड़ने के प्रमाण की तरह नहीं पढ़ा जा सकता: जिन भूमिकाओं, घरों और कार्यशैलियों में दूरस्थ काम पहले से सुविधाजनक है, उनका अनुभव स्थल पर उपकरण, ग्राहक सेवा या प्रत्यक्ष समन्वय मांगने वाली नौकरियों से अलग हो सकता है।
एक नियोक्ता और एक सप्ताह निष्कर्ष की सीमा तय करते हैं

सभी प्रतिभागी एक ही नियोक्ता से थे और अवलोकन केवल एक कार्य-सप्ताह चला। सार्वजनिक विवरण संगठन, देशों या भारत-विशिष्ट उपसमूह की ऐसी जानकारी नहीं देता जिससे परिणाम को भारतीय ज्ञान-कर्मियों या वैश्विक श्रमबल पर अलग से लागू किया जा सके। पूरी तरह दूरस्थ और पूरी तरह कार्यालय-आधारित कर्मचारियों की व्यवस्थाओं की सीधी तुलना भी नहीं हुई।
ऊर्जा और लक्ष्य-प्रगति कर्मचारियों की अपनी प्रविष्टियों से मापी गईं, स्वतंत्र रूप से सत्यापित काम से नहीं। घंटेवार प्रविष्टियां दिन के भीतर बदलाव पकड़ती हैं, लेकिन उत्तर देने की आदत, उस सप्ताह के कार्य और स्थान चुनने की परिस्थितियां नतीजों को प्रभावित कर सकती हैं। पांच दिन का नमूना दीर्घकालीन प्रदर्शन, पदोन्नति, कर्मचारी टिकाव या संगठन के वित्तीय नतीजों पर उत्तर नहीं देता।
फिलहाल पुष्ट निष्कर्ष संकीर्ण है: इस नियोक्ता के हाइब्रिड कर्मचारियों में घर वाले दिन ऊर्जा की कम डगमगाहट और बेहतर दैनिक लक्ष्य-प्रगति से जुड़े थे। यह संबंध दूसरे नियोक्ताओं, देशों और भूमिकाओं में कितने समय तक बना रहता है, इसके लिए लंबे अध्ययनों और स्वतंत्र रूप से मापे गए कार्य-परिणामों की आवश्यकता है।
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