Facebook भारत में Reels से खुलेगा? पुराना फ़ीड अभी एक टैब दूर है

|लेखक: QUASA संपादकीय टीम|6 मिनट पढ़ने का समय| 1
Facebook भारत में Reels से खुलेगा? पुराना फ़ीड अभी एक टैब दूर है

भारत में Facebook के कुछ उपयोगकर्ताओं को ऐप खोलते ही सामान्य फ़ीड के बजाय पूरे पर्दे पर Reels दिखाई दे रही हैं। 6 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार, Meta इस शुरुआती दृश्य का सीमित परीक्षण कर रही है और उसके प्रवक्ता ने इंडोनेशिया में भी परीक्षण की पुष्टि की है। बदलाव अभी सभी भारतीय खातों पर लागू नहीं हुआ है।

परीक्षण में शामिल व्यक्ति के लिए पुराना फ़ीड गायब नहीं होता। Facebook प्रमुख टॉम एलिसन के जुलाई 2026 के Meta के विवरण में स्पष्ट है कि पारंपरिक फ़ीड ऐप के दूसरे टैब में, एक क्लिक की दूरी पर रहता है; उपयोगकर्ता चाहें तो वीडियो से शुरू होने वाला दृश्य छोड़कर फिर फ़ीड से शुरुआत कर सकते हैं। इसलिए किसी एक खाते पर Reels पहले खुलना, सभी के लिए तय नया नियम नहीं है।

किसे दिख रहा है नया शुरुआती दृश्य

यह अनुभव चुने हुए खातों तक सीमित है। घोषित योजना में उन लोगों की बात थी जिनके बारे में कंपनी का अनुमान है कि वे Facebook पर अधिक वीडियो देखना चाहेंगे। भारत में अब दिख रहा अनुभव उसी विचार का प्रत्यक्ष परीक्षण है। किसी शहर, आयु वर्ग या निर्माता श्रेणी के हर खाते को इसमें शामिल मानने का आधार नहीं है।

भारत के एक उपयोगकर्ता की साझा की गई स्क्रीन में ऐप खुलने पर “Reels are now front and center” की सूचना दिखाई देती है। Social Media Today की रिपोर्ट में यह स्क्रीन और उसके बाद खुलने वाला सुझाई गई Reels का फ़ीड दिखाया गया है। कुछ भारतीय उपयोगकर्ताओं को यह अनुभव पहले से मिल रहा था और अब परीक्षण का दायरा बढ़ता दिख रहा है। दायरा बढ़ने का संकेत पूरे देश में सुविधा जारी होने की औपचारिक घोषणा के बराबर नहीं है।

इसलिए एक ही परिवार या शहर में किसी को पुराना आरंभिक फ़ीड और किसी को सीधे वीडियो दिख सकते हैं। अंतर इस बात पर निर्भर हो सकता है कि कौन सा खाता परीक्षण में शामिल है। अभी सामने आया बदलाव ऐप में प्रवेश का क्रम बदलता है; इससे किसी निर्माता की पोस्ट की पहुँच या प्रदर्शन के बारे में नया परिणाम नहीं निकलता।

फ़ीड कहाँ गया और वापसी कैसे अलग है

नए अनुभव में Reels शुरुआती स्थान लेती हैं और परिचित फ़ीड दूसरे टैब में रहता है। वहाँ फोटो, लिखित पोस्ट और लिंक जैसी सामान्य सामग्री तक पहुँच बनी रहती है। उपयोगकर्ता को उसे देखने के लिए शुरुआती वीडियो दृश्य से टैब बदलना होगा। यह ऐप के भीतर पहुँच का बदलाव है, पुरानी पोस्ट हटाने का फैसला नहीं।

टैब बदलना और शुरुआत का विकल्प बदलना अलग काम हैं। कोई व्यक्ति Reels से खुलने वाले अनुभव को रखते हुए भी बीच में पारंपरिक फ़ीड देख सकता है। जिसे हर बार ऐप खोलते ही फ़ीड चाहिए, उसके लिए वीडियो वाले आरंभिक दृश्य से बाहर निकलने और फ़ीड-प्रथम अनुभव पर लौटने का विकल्प है। सार्वजनिक विवरण में वापसी का कोई एक निश्चित बटन या सभी खातों में एक जैसी सेटिंग का रास्ता नहीं दिया गया है।

यह अंतर खास तौर पर उन लोगों को महसूस हो सकता है जो Facebook खोलकर सीधे दोस्तों या फ़ॉलो किए गए पेज की सामान्य पोस्ट देखते रहे हैं। परीक्षण में उनके सामने पहले वीडियो वाला हिस्सा आ सकता है और बाकी पोस्ट तक पहुँचने के लिए उन्हें टैब बदलना पड़ सकता है। फ़ीड-प्रथम दृश्य पर लौटने वाले व्यक्ति के लिए ऐप की शुरुआत फिर पुरानी आदत के अनुसार हो सकती है। इन रास्तों से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि फोटो या लिंक वाली पोस्ट का वितरण भी बदल गया है।

निर्माताओं की पोस्ट पर क्या बदल सकता है

निर्माताओं के लिए सबसे ठोस बदलाव संभावित दर्शक के शुरुआती ध्यान का है। यदि दर्शक इस परीक्षण में शामिल है, तो ऐप खुलने पर उसके सामने पहले पूरा पर्दा घेरने वाला वीडियो आता है। इससे Reels को प्रवेश-बिंदु मिलता है, लेकिन किसी निर्माता की वीडियो को अतिरिक्त दृश्य, अधिक अनुयायी या बेहतर पहुँच मिलने का प्रकाशित परिणाम सामने नहीं है। ऐप का शुरुआती पर्दा और सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के नियम अलग प्रश्न हैं।

  • वीडियो: परीक्षण में शामिल दर्शक पहले Reels वाले दृश्य में जाता है। वीडियो निर्माता के लिए संभावित शुरुआती संपर्क का स्थान बदलता है, पर उसकी अपनी Reel वहाँ दिखाई देगी या कितनी देर देखी जाएगी, यह घोषित परिणाम नहीं है।
  • फोटो और लिखित पोस्ट: पारंपरिक फ़ीड उपलब्ध रहने से ये प्रारूप उपयोगकर्ता की पहुँच में हैं। केवल शुरुआती स्क्रीन बदलने से इन्हें बंद मानना या उनकी पहुँच में तय गिरावट गिनना उचित नहीं होगा।
  • लिंक पोस्ट: जो दर्शक Reels से शुरुआत करते हैं, उन्हें फ़ीड में मौजूद लिंक वाली सामान्य पोस्ट तक आने के लिए टैब बदलना पड़ सकता है। उस अतिरिक्त कदम से क्लिक कितने बदलेंगे, इसका माप साझा नहीं किया गया है।

इस बदलाव से प्रकाशन योजना पर तत्काल फैसला नहीं निकलता। यदि किसी पेज की उपयोगी सामग्री फोटो, विस्तृत विवरण या बाहरी लिंक में है, तो केवल इस परीक्षण के आधार पर उन प्रारूपों को छोड़ने का कारण नहीं दिखता। वहीं वीडियो बनाने वाले निर्माता यह देख सकते हैं कि चयनित दर्शकों के लिए वीडियो अब ऐप का पहला दृश्य बन सकता है। परीक्षण उपयोगकर्ता का शुरुआती रास्ता बदलता है; हर प्रारूप के लिए कोई नई रैंकिंग घोषित नहीं हुई है।

सीमित परीक्षण से व्यापक उपलब्धता तक

अभी कुछ खातों पर नया अनुभव दिख रहा है। अधिक खातों में उसके दिखने के संकेत भी हैं, लेकिन यह सभी के लिए चरणबद्ध उपलब्धता या स्थायी बदलाव का फैसला नहीं है। ये अलग अवस्थाएँ हैं: परीक्षण में किसी खाते का शामिल होना, परीक्षण का विस्तार और उसे नियमित अनुभव बनाने का निर्णय। एक अवस्था से अगली अवस्था अपने आप तय नहीं होती।

परीक्षण की बुनियाद यह विचार है कि कुछ लोग ऐप खोलते ही अधिक वीडियो देखना चाहेंगे। आरंभिक दृश्य बदलने पर भी फ़ीड तक पहुँच बची रहती है और अनुभव छोड़ने का विकल्प उपलब्ध है। परीक्षण का परिणाम तब अधिक स्पष्ट होगा जब शामिल लोगों की प्रतिक्रिया और कंपनी का अगला निर्णय सामने आएगा। अभी भारतीय खातों में इस दृश्य की अंतिम पहुँच या इसे स्थायी बनाने की समयसीमा घोषित नहीं हुई है।

भारतीय निर्माताओं के लिए अगला निर्णायक संकेत परीक्षण के दायरे या स्थायी उपलब्धता पर स्पष्ट फैसला होगा। उससे पता चलेगा कि फ़ीड को दूसरे टैब में रखने वाला ढाँचा सीमित समूह से आगे जाता है या नहीं। अभी वीडियो को शुरुआती जगह मिलने की संभावना वास्तविक है, जबकि फोटो, पाठ और लिंक पोस्ट के प्रदर्शन पर देशभर के लिए एक जैसा असर मानने का आधार नहीं है।

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