Lion Nebula की नई तस्वीर: यह चमक 10,000 साल में बिखर जाएगी

NASA ने 10 अगस्त 2026 को James Webb Space Telescope से ली गई NGC 2392 की नई अवरक्त तस्वीर जारी की। NASA की Webb घोषणा के अनुसार, Lion Nebula को NIRCam और MIRI दोनों उपकरणों से देखा गया; उसके केंद्र में मरते तारे का बचा हुआ गर्म श्वेत बौना आसपास की गैस और धूल को लगातार बदल रहा है।
10 अगस्त को जारी इस दृश्य में चमकीला केंद्र, आयनित गैस के बुलबुले और छल्ले तथा बाहर अयाल जैसा धूल-खोल अलग पहचाने जा सकते हैं। लगभग 10,000 वर्ष का अनुमान तस्वीर के पृथ्वी से दिखाई देने की अवधि नहीं बताता: यह उस समयसीमा का अनुमान है जिसमें फैलती गैस और धूल बिखर सकती है और निहारिका का मौजूदा रूप मिट सकता है।
तस्वीर में शेर जैसा आकार कैसे बना

Lion Nebula एक ग्रहीय निहारिका है, हालांकि इसका ग्रहों से कोई संबंध नहीं है। यह अपेक्षाकृत कम द्रव्यमान वाले तारे के अंतिम चरण से बनी संरचना है। जब ऐसा तारा अपने केंद्र में परमाणु अभिक्रियाएं बनाए नहीं रख पाता, तो वह अस्थिर होकर बाहरी परतें छोड़ता है; यही निकली हुई सामग्री गैस और धूल के खोल बनाती है।
तस्वीर के बीच का छोटा, गुलाबी-सफेद बिंदु श्वेत बौना है। उसके चारों ओर बैंगनी-गुलाबी बुलबुले, खोल और छल्ले मिलकर चेहरे जैसा हिस्सा बनाते हैं। उससे बाहर फैली मोटी बैंगनी-नीली परत अयाल जैसी दिखती है, जबकि पृष्ठभूमि में तारे और दूरस्थ आकाशगंगाएं भी दिखाई देती हैं।
यह आकार किसी एक हालिया विस्फोट का परिणाम नहीं है। गैस और धूल को मौजूदा संरचना तक पहुंचने में कई हजार वर्ष लगे हैं। श्वेत बौने की ऊर्जा और विकिरण भीतर से सामग्री को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि बाहर निकली गैस का बुलबुला फैल रहा है और अपने रास्ते की धूल को नष्ट कर रहा है।
NIRCam और MIRI के रंग क्या बताते हैं

NIRCam निकट-अवरक्त प्रकाश और MIRI मध्य-अवरक्त प्रकाश दर्ज करता है। दोनों उपकरणों के आंकड़ों से बने संयुक्त दृश्य में केंद्रीय श्वेत बौना गुलाबी-सफेद, उसके आसपास के बुलबुले और खोल बैंगनी-गुलाबी तथा बाहरी अयाल बैंगनी-नीली दिखाई गई है। यह परत निहारिका की गैस, धूल और पृष्ठभूमि को एक साथ समझने देती है।
अकेले MIRI के दृश्य में केंद्र का श्वेत बौना नीला-सफेद, आसपास के खोल हल्के बैंगनी-लाल और अयाल का बड़ा हिस्सा सियान दिखाई देता है। बाहरी किनारे पर बैंगनी धूल-गुच्छे और उनके पीछे धूमकेतु जैसी पूंछें उभरती हैं। दोनों अवरक्त दृश्यों की तुलना भी बताती है कि MIRI वाली परत धूल की अलग-अलग संरचनाओं को खास तौर पर उजागर करती है।
इन रंगों को अंतरिक्ष में आंखों से दिखने वाले शाब्दिक रंगों या किसी एक रासायनिक तत्व की सीधी पहचान नहीं मानना चाहिए। तस्वीर में उनका उपयोग अलग अवरक्त आंकड़ों और संरचनात्मक क्षेत्रों को दृश्य रूप से अलग करने के लिए हुआ है। इसलिए सबसे उपयोगी तुलना यह है कि संयुक्त NIRCam–MIRI दृश्य पूरी संरचना का संबंध दिखाता है, जबकि MIRI दृश्य धूल पर केंद्रित बारीकियां सामने लाता है।
कुछ धूल-गुच्छे विकिरण में भी क्यों टिके हैं

श्वेत बौने का विकिरण निहारिका की सारी धूल पर समान प्रभाव नहीं डाल रहा। फैलता आयनित गैस का बुलबुला अपने रास्ते की सामग्री नष्ट करता है, लेकिन अधिक सघन गुच्छे अपेक्षाकृत लंबे समय तक टिक सकते हैं। MIRI दृश्य में कुछ धूल नष्ट होती और कुछ तंतु बचे हुए दिखाई देते हैं।
अयाल के किनारे मौजूद धूमकेतु जैसी संरचनाएं इसी अंतर को प्रकट करती हैं। आगे का सघन गुच्छा अपने पीछे की सामग्री को विकिरण से आंशिक सुरक्षा देता है, जिससे पीछे पूंछ जैसा लंबा हिस्सा बचता है। इस प्रकार तस्वीर केवल निहारिका की सममिति नहीं दिखाती; वह एक ही विकिरण क्षेत्र में अलग घनत्व वाली धूल के अलग-अलग परिणाम भी दर्ज करती है।
गैस के छल्लों और खोलों की जटिल बनावट का पूरा कारण अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसी संरचनाएं दूसरी ग्रहीय निहारिकाओं में भी मिलती हैं, लेकिन यहां सामग्री किस क्रम में निकली और बाद में विकिरण ने उसे कैसे आकार दिया, यह अभी अध्ययन का विषय है। Webb का अवरक्त दृश्य इस बदलती सीमा को पहले से अधिक स्पष्ट रूप में सामने लाता है।
10,000 साल में वास्तव में क्या बिखरेगा
श्वेत बौना 10,000 वर्ष बाद अचानक गायब नहीं होगा और न ही निहारिका किसी तय क्षण में बुझ जाएगी। गैस और धूल तारे के बचे हुए केंद्र से दूर जाती रहेंगी; फैलाव के साथ उनका घनत्व घटेगा और आज दिखाई देने वाला शेर जैसा रूप धीरे-धीरे मिटेगा। 11 अगस्त की स्वतंत्र तस्वीर-व्याख्या खगोलविदों का अनुमान दर्ज करती है कि Lion Nebula लगभग 10,000 वर्षों में पूरी तरह बिखर सकती है।
इस आंकड़े को पृथ्वी से दृश्यता की उलटी गिनती मानना भी ठीक नहीं होगा। अनुमान निहारिका की सामग्री के आगे होने वाले भौतिक विस्तार पर लागू होता है। यह किसी निश्चित रात को NGC 2392 के आकाश से ओझल होने की भविष्यवाणी या प्रत्यक्ष रूप से मापी गई अंतिम तारीख नहीं है।
फिलहाल पुष्टि यह है कि Webb ने NGC 2392 को दो अवरक्त उपकरणों से देखकर आयनित गैस, बाहरी धूल और विकिरण सहते सघन गुच्छों को अलग-अलग स्पष्ट किया है। केंद्रीय श्वेत बौना संरचना को भीतर से बदल रहा है और पूरा खोल फैल रहा है। आगे के अवलोकन छल्लों तथा खोलों की उत्पत्ति समझने में मदद कर सकते हैं; निहारिका के लगभग 10,000 वर्ष में बिखरने की समयसीमा अभी खगोलविदों का अनुमान है।
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