अमेरिकी शेयर रखने वालों के लिए भारतीय ITR गाइड: Schedule FA, विदेशी आय और कर-राहत

यदि आप भारत में सामान्य निवासी (ROR) हैं और सीधे अमेरिकी शेयर रखते हैं, तो केवल बिक्री से हुआ लाभ दिखाना पर्याप्त नहीं है। विदेशी शेयर और संबंधित कस्टोडियल खाता Schedule FA में, सकल लाभांश Schedule OS तथा FSI में, बिक्री का लाभ या हानि Schedule CG तथा FSI में और पात्र विदेशी कर-क्रेडिट Schedule TR तथा Form 67 के माध्यम से दर्ज किया जाता है।
व्यवसाय या पेशे की आय न रखने वाले व्यक्ति के लिए सामान्यतः ITR-2 और ऐसी आय रखने वाले व्यक्ति के लिए ITR-3 उपयुक्त है। आयकर विभाग का Schedule FA मार्गदर्शन विदेशी संपत्ति होने पर ITR-1 या ITR-4 न चुनने को स्पष्ट करता है। यह प्रक्रिया मुख्यतः ROR निवेशक के लिए है; RNOR, अनिवासी, विदेशी ट्रस्ट, संयुक्त स्वामित्व, RSU या व्यवसाय के रूप में किए गए शेयर कारोबार में अलग जाँच आवश्यक है।
सही ITR चुनें और दो रिपोर्टिंग अवधियाँ समझें
पहला निर्णय आवासीय दर्जे और आय की प्रकृति का है। आयकर विभाग के विवरणी-योग्यता मार्गदर्शन में ITR-2 को व्यवसाय या पेशे के लाभ के बिना अन्य आय-शीर्ष वाले व्यक्ति या HUF के लिए और ITR-3 को व्यवसाय या पेशे की आय वाले व्यक्ति या HUF के लिए बताया गया है।
- ITR-2: वेतन, गृह-संपत्ति, लाभांश, ब्याज और निवेश के रूप में रखे शेयरों से पूंजीगत लाभ हो, लेकिन व्यवसाय या पेशे की आय न हो।
- ITR-3: इन आय-शीर्षों के साथ व्यवसाय या पेशे की आय भी हो। यदि व्यवस्थित कारोबार के कारण शेयर आय को व्यवसाय माना गया है, तो वर्गीकरण की पेशेवर समीक्षा कराएँ।
- ITR-1 और ITR-4: विदेशी संपत्ति या विदेशी स्रोत की आय घोषित करने वाले निवेशक के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
आय और विदेशी संपत्ति की रिपोर्टिंग अवधि एक जैसी नहीं होती। 30 मार्च 2026 की CBDT अधिसूचना के अनुसार AY 2026–27 का ITR-3 FY 2025–26 की आय से संबंधित है, जबकि उसका Schedule FA 31 दिसंबर 2025 को समाप्त कैलेंडर वर्ष की संपत्तियाँ माँगता है।
इस अंतर का व्यावहारिक परिणाम यह है कि Schedule FA की कैलेंडर-वर्ष सीमा के बाद खरीदी गई संपत्ति उस विवरणी की विदेशी-संपत्ति अवधि से बाहर हो सकती है, भले उसी वित्त वर्ष में उससे मिली आय करयोग्य हो। विवरणी में लिखी अवधि और ब्रोकर की लेनदेन तारीख देखकर ही प्रविष्टि करें; आय तथा संपत्ति के लिए एक ही अवधि मानकर न चलें।
ब्रोकर से कौन-से अभिलेख लेने हैं
ब्रोकर का संक्षिप्त कर-सारांश पर्याप्त नहीं है। आपको खरीद, लाभांश, बिक्री और विदेशी कर-कटौती की प्रत्येक घटना को USD तथा INR में दोबारा जोड़ सकने वाले अभिलेख चाहिए।
- वार्षिक खाता-विवरण और प्रत्येक खरीद-बिक्री की पुष्टि;
- कंपनी का कानूनी नाम, देश, शेयर खरीदने की तारीख और लागत;
- विदेशी ब्रोकर या कस्टोडियन का नाम-पता, खाता संख्या, खाता खोलने की तारीख, उच्चतम और अंतिम शेष;
- सकल लाभांश, खाते में आई शुद्ध रकम और अमेरिकी कर-कटौती का अलग विवरण;
- Form 1042-S या कर काटने वाले पक्ष का समकक्ष प्रमाण;
- USD से INR रूपांतरण में अपनाई दर, उसका स्रोत और संबंधित तारीख;
- Form 67 की पावती, सहायक कर-गणना और अंतिम ITR की प्रति।
केवल ब्रोकर द्वारा दिखाए गए USD लाभ को एक विनिमय दर से बदलना विश्वसनीय INR पूंजीगत लाभ नहीं देता। खरीद लागत, बिक्री मूल्य, लाभांश और विदेशी कर की अलग रूपांतरण तारीखें जाँचें; आयकर नियम 115 विदेशी मुद्रा में व्यक्त आय के लिए टेलिग्राफिक ट्रांसफर खरीद दर का आधार बताता है। अपनी गणना-पत्रिका में मूल USD रकम, प्रयुक्त दर और INR परिणाम साथ रखें।
खरीद के बाद Schedule FA कैसे भरें

सशर्त उदाहरण—खरीद: मान लें कि आपने लागू कैलेंडर वर्ष में अमेरिकी कंपनी के शेयर खरीदे और विवरणी की अवधि समाप्त होने तक उन्हें नहीं बेचा। खरीद अपने-आप पूंजीगत लाभ नहीं बनाती, इसलिए निवेश लागत Schedule CG में आय नहीं है; लेकिन ROR होने पर शेयर और उससे जुड़ा विदेशी खाता Schedule FA में घोषित करना पड़ सकता है।
अधिसूचित प्रपत्र की Schedule FA तालिकाओं में A2 विदेशी कस्टोडियल खातों और A3 विदेशी इकाई में इक्विटी या ऋण हित के लिए है। A2 में वित्तीय संस्था, खाता संख्या, उच्चतम शेष, अंतिम शेष और खाते में जमा सकल रकम जैसे विवरण हैं; A3 में इकाई, हित प्राप्त करने की तारीख, प्रारंभिक निवेश, उच्चतम तथा अंतिम मूल्य, सकल प्राप्ति और बिक्री की सकल आय माँगी जाती है।
तालिका का चुनाव ब्रोकर की कानूनी कस्टडी संरचना देखकर करें। सीधे रखे शेयर A3 में और संबंधित कस्टोडियल खाता A2 में रिपोर्ट करना पड़ सकता है; सभी निवेशों को बिना जाँच एक ही तालिका में डालना उचित नहीं। Schedule FA का प्रारंभिक निवेश, उच्चतम मूल्य या अंतिम मूल्य पोर्टफोलियो लाभ का दूसरा नाम नहीं है—हर खाने में माँगा गया वास्तविक आंकड़ा भरें।
लाभांश में सकल आय और अमेरिकी कटौती अलग रखें
सशर्त उदाहरण—लाभांश: यदि कंपनी USD 100 का लाभांश घोषित करती है, USD 25 कर काटती है और खाते में USD 75 आते हैं, तो भारतीय आय के लिए केवल शुद्ध रकम से शुरुआत न करें; भारत–अमेरिका कर संधि के अनुच्छेद 10 में सामान्य मामलों के लाभार्थी के लिए अमेरिकी स्रोत-कर की सीमा सकल लाभांश की 25% बताई गई है।
सकल लाभांश को लागू विनिमय दर से INR में बदलकर Schedule OS में शामिल करें और वही विदेशी आय Schedule FSI में अन्य स्रोत के अंतर्गत दर्ज करें। वास्तविक विदेशी कटौती को अलग बदलें और प्रमाण उपलब्ध होने पर ही कर-क्रेडिट माँगें। संधि अधिकतम सीमा बताती है; वास्तविक कटौती भुगतान के प्रकार, लाभार्थी की स्थिति और ब्रोकर के पास उपलब्ध कर-दस्तावेजों पर निर्भर हो सकती है।
लाभांश को अमेरिकी खाते में छोड़ना या उससे नए शेयर खरीदना उसे भारतीय विवरणी से बाहर नहीं करता। गणना-पत्रिका में भुगतान तारीख, सकल लाभांश, विदेशी कर, शुद्ध जमा और प्रत्येक INR रूपांतरण अलग रखें, ताकि Schedule OS, FSI, TR और Form 67 में समान आधार-राशि रहे।
बिक्री को Schedule CG में कैसे वर्गीकृत करें
अमेरिकी एक्सचेंज पर सूचीबद्ध शेयर भारत के मान्यता-प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध शेयर नहीं माने जाते। विदेशी शेयरों के भारतीय कर-वर्गीकरण और आयकर विभाग की पूंजीगत संपत्ति अवधि तालिका के अनुसार ऐसे शेयर 24 महीने से अधिक रखने पर दीर्घकालिक और 24 महीने या कम रखने पर अल्पकालिक माने जाते हैं।
सशर्त उदाहरण—अल्पकालिक बिक्री: यदि लागू विनिमय दरों से निकली खरीद लागत ₹1,50,000 और 18 महीने बाद बिक्री मूल्य ₹1,90,000 है, तो खर्चों से पहले ₹40,000 का अल्पकालिक लाभ बनेगा; आधिकारिक पूंजीगत लाभ गणना बिक्री प्रतिफल से अनुमत हस्तांतरण खर्च और अधिग्रहण लागत घटाती है। ऐसा लाभ सामान्यतः कुल आय में जुड़कर लागू दर पर करयोग्य होता है।
सशर्त उदाहरण—दीर्घकालिक बिक्री: यदि निर्धारित INR लागत ₹1,50,000 वाला शेयर 30 महीने बाद ₹2,10,000 में बिकता है, तो खर्चों से पहले ₹60,000 का दीर्घकालिक लाभ बनेगा; 23 जुलाई 2024 के बाद की आधिकारिक व्यवस्था अन्य दीर्घकालिक पूंजीगत संपत्तियों पर सामान्यतः 12.5% दर और सूचकांकीकरण न मिलने की बात बताती है।
धारा 112A की ₹1.25 लाख सीमा विदेशी शेयर पर स्वतः लागू नहीं होती, क्योंकि वह निर्धारित प्रतिभूतियों और STT संबंधी शर्तों से जुड़ी है; आधिकारिक Schedule 112A विवरण इस सीमा, प्रतिभूति श्रेणियों और STT की शर्तों को स्पष्ट करता है। विदेशी शेयर की बिक्री को Schedule CG के सही अल्पकालिक या दीर्घकालिक खाने में भरें और उसी विदेशी स्रोत के लाभ को Schedule FSI में मिलाएँ।
Schedule FSI और TR का मिलान कैसे करें
Schedule FSI मुख्य आय-अनुसूचियों का विकल्प नहीं है। यह भारत के बाहर की उस आय का देशवार विवरण है जो कुल आय में पहले शामिल की जा चुकी है। AY 2026–27 के अधिसूचित प्रपत्र में देश कोड, विदेशी करदाता पहचान संख्या, आय का शीर्ष, विदेशी आय, विदेश में चुकाया कर, भारत में उस आय पर देय कर और उपलब्ध राहत के अलग खाने हैं।
- Schedule OS में दर्ज अमेरिकी सकल लाभांश का INR योग निकालें।
- Schedule CG में दर्ज अमेरिकी शेयरों के अल्पकालिक और दीर्घकालिक लाभ अलग मिलाएँ।
- Schedule FSI में अमेरिका की पंक्ति बनाकर आय को सही शीर्ष के सामने रखें।
- उसी आय पर प्रमाणित अमेरिकी कर दर्ज करें; कर न कटा हो तो काल्पनिक रकम न भरें।
- Schedule TR में देशवार विदेशी कर और उपलब्ध राहत का सार मिलाएँ तथा संधि वाले दावे में धारा 90 की उपयुक्तता जाँचें।
अधिसूचित Schedule FSI में उपलब्ध राहत विदेश में चुकाए कर और भारत में उसी आय पर देय कर में से कम राशि है, जैसा FSI के राहत-गणना खाने में निर्दिष्ट है। इसलिए विदेश में काटी पूरी रकम हर मामले में क्रेडिट नहीं बनती। घाटे के समायोजन या अलग आय-शीर्ष के कारण परिणाम बदले तो विवरणी-सॉफ्टवेयर की गणना को सहायक गणना से मिलाएँ।
Form 67 कब और किन प्रमाणों के साथ भरें

AY 2026–27 की आय पुराने आयकर अधिनियम के अंतर्गत दाखिल होती है, इसलिए विदेशी कर-क्रेडिट माँगने वाला पात्र निवासी Form 67 का उपयोग करता है। आधिकारिक Form 67 विवरण के अनुसार धारा 139(1) या 139(4) के तहत ITR दाखिल होने पर फॉर्म संबंधित निर्धारण वर्ष की समाप्ति तक दिया जा सकता है; धारा 139(8A) की अद्यतन विवरणी में इसे उस विवरणी की तारीख तक देना होता है।
इसे अंतिम दिन तक टालना व्यावहारिक रूप से उपयोगी नहीं है। लाभांश और विदेशी कर की INR गणना पूरी करके Form 67 को ITR के साथ या उससे पहले भरने से FSI तथा TR के आंकड़ों का मिलान आसान रहता है।
आयकर विभाग की Form 67 उपयोगकर्ता पुस्तिका प्रमाणपत्र या विवरण-पत्र और विदेशी कर के भुगतान या कटौती का प्रमाण संलग्न करने को कहती है। Form 1042-S उपलब्ध न हो तो ब्रोकर या कर काटने वाले पक्ष से उपयुक्त प्रमाण माँगें; शुद्ध जमा देखकर कर का अनुमान न लगाएँ। विवादित कर, बाद में मिली विदेशी वापसी या दूसरे वर्ष से संबंधित कटौती के लिए सामान्य लाभांश प्रक्रिया पर्याप्त नहीं हो सकती।
जमा करने से पहले अंतिम जाँच
अंतिम जाँच प्रत्येक लेनदेन के जीवनचक्र पर करें: संपत्ति किस कैलेंडर वर्ष के Schedule FA में है, आय किस वित्त वर्ष में करयोग्य है, उसकी मुख्य अनुसूची कौन-सी है और उसी आय पर कितना प्रमाणित विदेशी कर कटा है। इसके बाद निम्न मिलान पूरा करें।
- Schedule FA में संस्था, कंपनी और खाता संख्या ब्रोकर अभिलेखों से मेल खाते हैं;
- Schedule OS का सकल लाभांश Schedule FSI की संबंधित विदेशी आय के बराबर है;
- Schedule CG का विदेशी पूंजीगत लाभ Schedule FSI के पूंजीगत लाभ से मेल खाता है;
- Schedule FSI का विदेशी कर Form 1042-S या अन्य वैध प्रमाण से अधिक नहीं है;
- Schedule TR का देशवार सार FSI और Form 67 से मेल खाता है;
- खरीद, बिक्री, लाभांश और कर के INR रूपांतरण का आधार सुरक्षित है;
- ITR सत्यापित करने से पहले Form 67 की पावती और देय भारतीय कर की स्थिति जाँच ली गई है।
यदि आपने गलत प्रपत्र चुना, Schedule FA छोड़ा या सकल के बजाय केवल शुद्ध लाभांश बताया है, तो आयकर विभाग के संशोधित विवरणी संबंधी मार्गदर्शन के आधार पर संबंधित निर्धारण वर्ष में सुधार की उपलब्धता तुरंत जाँचें। दाखिल करने से पहले अपने आवासीय दर्जे, ब्रोकर की कस्टडी संरचना और खरीद, सकल लाभांश, बिक्री तथा विदेशी कर की गणनाओं को मूल दस्तावेजों से मिलाएँ।
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें
Web3, AI और क्रिप्टो की नवीनतम खबरें सीधे अपने इनबॉक्स में पाएँ।